उत्तर प्रदेश : 2 माह बाद सीओ आवास में चोरी का खुलासा, 2 गिरफ्तार

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उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में अतर्रा सीओ के आवास में हुई चोरी का खुलासा दो माह बाद पुलिस ने कर दिया है। इस सिलसिले में गाजियाबाद से गिरफ्तार किए गए दो चोरों को सोमवार को जेल भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा ने सोमवार को यहां संवाददाताओं को बताया, “तीन सितंबर को अतर्रा पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) राजीव प्रताप सिंह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बने सरकारी आवास में हुई चोरी का खुलासा हो गया है और इस मामले मोहम्मद सदीनू (28) निवासी हापुड़ और अशोक पांडेय निवासी हरदोई को रविवार को गाजियाबाद से चोरी किए गए माल समेत गिरफ्तार किया गया है।”

उन्होंने बताया, “घटना की जांच में खुलासा हुआ कि एक सेंट्रो कार में सवार होकर साबिर, अली जान और दीपक पांडेय अतर्रा आए और सीओ के आवास से उनकी पत्नी के सोने के गहने और 45 हजार रुपये नकद चोरी कर गूगल मैप के जरिए कौशांबी से कानपुर होते हुए गाजियाबाद चले गए। अब ये तीनों चोर गाजियाबाद और कानपुर की जेल में बंद हैं।”

साहा ने बताया, “गिरफ्तार सदीनू चोरी के माल को बेंचने और अशोक जेल जाने वाले गिरोह के सदस्यों की जमानत के लिए वकील उपलब्ध कराने का काम करता था। सीओ के आवास से चोरी गए सोने के आभूषणों को आग में गलाकर उसे सदीनू बेंचने ही जा रहा था, तभी गाजियाबाद पहुंची अतर्रा पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के पास से गले सोने की दो टिकली वजन 112 ग्राम, दो सोने की अंगूठी वजन छह ग्राम और चोरी गए 24 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। बरामद सोने की कीमत करीब साढ़े चार लाख रुपये है।”

एसपी ने बताया, “गिरफ्तार अशोक पांडेय जेल में बंद चोर दीपक पांडेय का पिता है, जो सदीनू से सोना बेंचवाकर जेल में बंद अपने बेटे दीपक, साबिर और अली जान की जमानत के लिए रकम इकट्ठा करना चाहता था।”

एसपी ने यह नहीं बताया कि इन चोरों का बांदा या अतर्रा में संपर्क सूत्र कौन है? अलबत्ता उन्होंने यह जरूर कहा कि यह अंतरराज्यीय चोर गैंग है और यह विभिन्न प्रान्तों में अधिकारियों (विशेषकर चिकित्सकों) के घरों में उस समय चोरी करते थे, जब वे अस्पताल में सेवाएं दे रहे होते थे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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