यूटेटे : दूसरे सीजन की शुरुआत आज से, जानिए इसके बारे में !

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आज से एक तरफ जहां पूरे विश्व की निगाहें रूस में शुरू हो रहे फीफा विश्व कप पर लगी होंगी तो भारतीयों की नजरें अल्टीमेट टेबल टेनिस (यूटेटे) के दूसरे सीजन पर होगी। अचंत शरत कमल (वॉरियर्स), गनासेकरन साथियान (डबंग स्मैशर्स), लियाम पिचफोर्ड (फाल्कंस), साइमन गौझी (एमपावर्जी चैलेंजर्स), हरमीत देसाई (आरपी-एसजी मावेरिक्स) और जोआओ मोंटीरो (महाराष्ट्र युनाइटेड) छह टीमों का प्रतिनिधित्व करेंगे।

मौजूदा चैंपियन फाल्कंस लीग के दूसरे सीजन के पहले मैच में बेलवाडी इंडोर स्टेडियम में महाराष्ट्र युनाइटेड से भिड़ने के लिए तैयार है। दोनों टीमें पुरुष एवं महिला वर्ग में तीन-तीन मैच खेलेगी और फिर इसके बाद एक मिश्रित युगल मैच भी खेला जाएगा।

पुणे चरण का समापन 19 जून को होगा। इसके बाद अगला चरण दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में 20 से 25 जून तक और फिर 26 जून से एक जुलाई तक कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में होगा।

पहले और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें 29 जून को पहला सेमीफाइनल और दूसरे तथा तीसरे नंबर पर रहने वाली टीम अगले दिन दूसरा सेमीफाइनल खेलेगी। फाइनल एक जुलाई को होगा।

लीग के दूसरे सीजन में 19 देशों के खिलाड़ी शिरकत कर रहे हैं। इनमें 24 ओलम्पिक खेल चुके हैं।

न्यूज स्त्रेात आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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