अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की Justice Ginsburg का निधन

0

महिला अधिकारों के लिए किए गए कामों के लिए मशहूर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस रूथ बेडर गिन्सबर्ग का 87 साल की उम्र में निधन हो गया। उनका निधन शुक्रवार की रात को अग्नाशय के कैंसर के कारण हुआ।

3 नवंबर को होने जा रहे राष्ट्रपति पद के चुनावों के पहले हुई उनकी मौत ने टकराव की स्थिति पैदा कर दी है। उनके निधन से खाली हुए पद पर नई नियुक्ति को लेकर टकराव हो सकता है।

सबसे वरिष्ठ जस्टिस और सर्वोच्च न्यायालय में बतौर जस्टिस नियुक्ति पाने वाली दूसरी महिला गिन्सबर्ग ने वहां 27 साल तक अपनी सेवाएं दीं। वे लैंगिक समानता की वकालत करने वाली एक अग्रणी जस्टिस थीं।

1993 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने उन्हें नियुक्त किया था और पिछले कुछ वर्षों में वे कोर्ट की लिबरल विंग की सबसे वरिष्ठ सदस्य बन गईं।

मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने शुक्रवार की रात एक बयान में कहा, “हमारे देश ने ऐतिहासिक कद की एक कानूनविद को खो दिया है। हमें उनके जाने का गहरा शोक है। हम विश्वास करते हैं कि आने वाली पीढ़ियां रूथ बेडर गिन्सबर्ग को याद रखेंगी।”

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जब मिनेसोटा में एक चुनावी रैली कर रहे थे, तभी उन्हें गिन्सबर्ग की मृत्यु की सूचना दी गई।

अपने बयान में उन्होंने कहा, “महिलाओं और विकलांगों की कानूनी समानता के बारे में उनके जाने-माने फैसलों सहित उनकी विभिन्न मसलों पर दी गई राय ने सभी अमेरिकियों और लीगल माइंड्स की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है।”

पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने ट्वीट किया, “जस्टिस गिन्सबर्ग ने मुझ समेत कई महिलाओं के लिए मार्ग प्रशस्त किया। उनके जैसा दूसरा कोई नहीं होगा। धन्यवाद आरबीजी।”

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे एरिक ट्रंप ने कहा कि गिन्सबर्ग “नैतिकता के साथ उल्लेखनीय काम करने वाली एक महान महिला थीं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleMalmaas 2020: अधिकमास में क्या करें और किन चीजों से रखें परहेज, जानिए यहां
Next articleLG Q31 हुआ लॉन्च जाने किमत ओर खासियत।
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here