अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें बढ़ाईं, जानिए इसके बारे में !

0
225

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याद दरों में इजाफा किया है। फेडरल ने ब्याज दरें 0.25 फीसदी से बढ़ाकर दो फीसदी की है। फेडरल रिजर्व ने इस साल दूसरी बार ब्याज दरें बढ़ाई हैं जबकि 2015 के बाद सातवीं बार ब्याज दरों में इजाफा किया गया है। इसके साथ ही फेरजल रिजर्व ने आगे भी ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं।

केंद्रीय बैंक की दो दिवसीय बैठक खत्म होने के बाद बुधवार को जारी बयान के मुताबिक, “श्रम बाजार की स्थितियों और महंगाई को ध्यान में रखते हुए फेडरल ओपन मार्किट कमिटि ने ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला किया है।”

फेडरल रिजर्व ने 2018 में अमेरिका की विकास दर 2.8 फीसदी की ग्रोथ की उम्मीद जताई है।

फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल का कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है। बेरोजगारी घटी है और लोगों के खर्च करने की क्षमता बढ़ी है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleसोनाक्षी ने शुरू की फिल्म कलंक की शूटिंग, खुशी का नहीं है ठिकाना
Next articleजम्मू में बीएसएफ, पाकिस्तान रेंजर्स के बीच फ्लैग मीटिंग
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here