अमेरिका की पर्यावरण एजेंसी ईपीए के प्रमुख ने इस्तीफा दिया

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी (ईपीए) के निदेशक स्कॉट प्रूट का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, “मैंने पर्यावरणीय सुरक्षा एजेंसी के प्रशासक पद पर तैनात स्कॉट प्रूट का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। स्कॉट ने हालांकि बेहतरीन काम किया है और मैं इसके लिए उनका आभारी रहूंगा।”

ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि प्रूट के तहत ईपीए के उपप्रमुख एंड्रयू व्हिलर को नई नियुक्ति तक अंतरिम प्रमुख बनाया गया है। उन्होंने कहा, “मुझे कोई संदेह नहीं है कि एंडी ईपीए के एजेंडे पर काम करते रहेंगे। हमने बेहतरीन काम किया है और ईपीए का भविष्य बहुत उज्‍जवल है।”

बीते कुछ महीनों से अफवाह थी कि प्रूट कई स्कैंडल और अनियमितताओं की वजह से इस्तीफा कर सकते हैं। कांग्रेस और ऑफिस ऑफ गवर्मेट एथिक्स (ओजीई) अनियमितताओं और घोटालों के संबंध में उनकी जांच कर रही है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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