बच्चों को यातना देने के आरोप में अमेरिकी दंपत्ति को 25 साल की जेल

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बच्चों को प्रताड़ित करने के आरोप में एक अमेरिकी दंपत्ति को 25 साल की जेल की सजा सुनाई गई है।

दंपत्ति पर कैलिफोर्निया के अपने घर में बच्चों को वर्षों तक कैद रखने और उन्हें यातना देने के मामले में दोषी ठहराया गया है।

उनकी बेटियों में से एक ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कहा, “मेरे माता-पिता ने मुझसे मेरी पूरी जिंदगी ले ली..लेकिन अब मैं अपनी जिंदगी वापस जी रही हूं।”

वह उन दो बच्चों में से एक है जो अब कॉलेज में हैं, जो अदालत में गवाही देने के लिए उपस्थित हुए कि वे अपने माता-पिता, डेविड और लुईस टर्पिन के हाथों कैसे पीड़ित हुए।

दंपत्ति पिछले साल की शुरुआत में तब गिरफ्तार किया गया था जब उनके दो से लेकर 29 साल की आयु के बीच के 13 बच्चों में से एक पेरिस (काउंटी) स्थित घर से भागने में कामयाब रहा और फिर पुलिस को सूचना दी।

अधिकारियों ने कहा कि भाई-बहन बाहरी दुनिया से अलग-थलग पड़ गए थे और उन्हें अक्सर स्नान, मेडिकल केयर और भोजन देने से वंचित रखा जाता था। बच्चों को कभी-कभी सप्ताहभर या या महीनों तक बांध कर रखा जाता था।

पीड़ितों ने जांचकर्ताओं को बताया कि शुरू में उन्हें रस्सी से बांध कर रखा जाता था। लेकिन जब एक पीड़ित वहां से निकल भागा, तो माता-पिता ने अपने कुछ बच्चों को बेड से बांधने के लिए जंजीरों और पैडलॉक का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।

उनके बेटों में से एक ने शुक्रवार को अदालत को बताया, “बड़े होने के दौरान हमने जो यातना बर्दाश्त किया उसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता। जो कुछ हुआ उसके कभी-कभी मुझे अभी भी डरावने सपने आते हैं जैसे मेरे भाई-बहनों को चेन से बांधा जाना या उन्हें पीटा जाना।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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