अमेरिका-चीन ट्रेड वार के कारण कॉटन उद्योग में मंदी : ईरानी

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केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने कॉटन यार्न उद्योग में मंदी की बात स्वीकार करते हुए रविवार को कहा कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार के कारण मौजूदा हालात पैदा हुए हैं। उन्होंने उद्योग के हितधारकों को मौजूदा समस्या का समाधान तलाशने का आश्वासन दिया।

ईरानी यहां इंडियन कॉटन कान्फ्रेंस 2019 को संबोधित कर रही थीं।

उन्होंने कहा, “हमें मालूम है कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार से कॉटन यार्न उद्योग प्रभावित हुआ है।”

किसानों और उद्योग के हितधारकों को समस्या का समाधान निकालने को लेकर आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा, “वाणिज्य मंत्रालय के हमारे सहकर्मियों ने खुद इसका हल निकालने का भरोसा दिलाया है।”

इंडियन कॉटन एसोसिएशन लिमिटेड (आईसीएएल) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में भारत को दुनिया में जैविक कॉटन उत्पादन की सबसे बड़ी संभावना वाले देश के रूप में ब्रांडिंग करने पर जोर दिया गया है।

ईरानी ने कहा, “आज किसानों के योगदान का लेखाजोखा नहीं है। हम किसानों को नजरंदाज नहीं कर सकते हैं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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