Urmila ने केंद्र से महाराष्ट्र के लिए वैक्सीन भेजने का अनुरोध किया

0

अभिनेत्री और शिवसेना की नेता उर्मिला मातोंडकर ने गुरुवार को केंद्र सरकार से महाराष्ट्र में और अधिक वैक्सीन भेजने का आग्रह किया है। उर्मिला ने कहा, ” भारत में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर में सबसे अधिक प्रभावित राज्य होने के बावजूद महाराष्ट्र को कम वैक्सीन मिल रही है। ”

उन्होंने लिखा, “महाराष्ट्र कोरोना से सबसे बुरी तरह से प्रभावित है और अभी तक हमें बहुत कम वैक्सीन की सप्लाई हुई है। राजनीति करने के लिए बहुत समय मिलेगा। अभी इससे ऊपर उठने का समय है। इसलिए केंद्र सरकार से अनुरोध है कृपया हमारे राज्य के लिए वैक्सीन की आपूर्ति करें।”

उर्मिला ने एक अलग ट्वीट में लिखा, “महाराष्ट्र में विपक्ष को एक गंभीर मुद्दे पर मौन रहते हुए देखना निराशाजनक है।”

उनका यह ट्वीट ऐसे समय में आया है जब बुधवार को महाराष्ट्र में 59,907 नए कोविड के मामले दर्ज किए गए हैं। बुधवार को अब तक कोरोना काल में सबसे ज्यादा 322 लोगों की भी जान गई है। नए मामलों में से पुणे में सबसे अधिक 11,023 मामले सामने आये, इसके बाद मुंबई 10,428 मामले देखने को मिले।

न्रूूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleChina का लक्षित गरीबी उन्मूलन :मानव जाति की गरीबी में कमी का नया रास्ता
Next articleRonit roy ने कोरोना का टीका लगवाया
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here