यूपी के सर्वाधिक क्राइम वाले थाने गाजियाबाद में

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उत्तर प्रदेश में कुल 136 थाने ऐसे हैं, जहां पिछले वर्ष आईपीसी की विभिन्न धाराओं में 500 या उससे अधिक अभियोग दर्ज हुए हैं, जबकि 44 थानों में 750 या उससे अधिक अभियोग तथा 16 थानों में 1000 या उससे अधिक अभियोग दर्ज हुए। यह तथ्य आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर को आरटीआई के तहत डीजीपी कार्यालय की ओर से प्रदान की गयी जानकारी में सामने आए हैं।

डीजीपी कार्यालय की ओर दी गई सूचना के अनुसार उत्तर प्रदेश में कुल 136 थाने ऐसे हैं जहाँ पिछले वर्ष आईपीसी की विभिन्न धाराओं में 500 या उससे अधिक अभियोग दर्ज हुए हैं, जबकि 44 थानों में 750 या उससे अधिक अभियोग तथा 16 थानों में 1000 या उससे अधिक अभियोग दर्ज हुए। सबसे अधिक आईपीसी के 2673 अभियोग गाजियाबाद के इदिरापुरम थाने में दर्ज हुए जबकि 1809 अभियोग गाजियाबाद के साहिबाबाद तथा 1528 अभियोग गाजियाबाद के ही कविनगर थाने में दर्ज हुए। लखनऊ के गोमतीनगर थाने में आईपीसी के 1421 अपराध तथा गाजियाबाद के सिहानी गेट थाने में 1316 अपराध दर्ज हुए।

इसके बाद वाराणसी के लंका थाने में आईपीसी के 1294 अपराध तथा खीरी के कोतवाली सदर में 1212 अपराध दर्ज हुए। अलीगढ़ के क्वार्सी थाने में 1194 एवं गोरखपुर के कैंट एवं गौतम बुद्ध नगर के नोएडा सेक्टर 20 थाने में 1186 अपराध दर्ज हुए थे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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