Meerut में यूपी योद्धा-बी की कबड्डी अकादमी शुरू

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जीएमआर ग्रुप के कबड्डी क्लब यूपी योद्धा ने शुक्रवार को मेरठ के मेहरोली में ‘यूपी योद्धा बी कबड्डी अकादमी’ का उद्घाटन किया। यह देश के कबड्डी खिलाड़ियों को अत्याधुनिक सुविधाएं एवं प्रशिक्षण प्रदान करेगा। औपचारिक रूप से इस कबड्डी अकादमी की शुरूआत 47वीं उत्तर प्रदेश सीनियर पुरुष कबड्डी चैंपियनशिप के साथ हुई।

जीएमआर लीग गेम्स के सीईओ, कर्नल विनोद कुमार बिष्ट ने कहा, यूपी योद्धा ने हमेशा से इस बात पर यकीन किया है की मजबूत नींव रखने से राज्य में खेल के विकास को मजबूत दिशा प्रदान करती है। हमारी नई अकादमी युवा खिलाड़ियों को आगे की चुनौती के लिए तैयार करेगी, जिससे न सिर्फ क्लब को फायदा होगा बल्कि इससे देश में कबड्डी को भी फायदा होगा।

बिष्ट ने कहा क अकादमी को इस मुख्य उद्देश्य के साथ लांच किया जा रहा है की आने वाले युवा प्रतिभाओं को हर प्रकार का प्रशिक्षण प्रदान कर सके। 200 खिलाड़ी एक बार में अकादमी में ठहर सकते हैं।

अकादमी में विश्व स्तरीय प्रशिक्षण और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, प्रैक्टिस के लिए विशेष तौर पर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्च र तैयार किया गया है जैसे इंडोर कबड्डी मैट्स (एक बार में 4 मैट्स बिछाई जाएंगी), आधुनिक जिम और बाहर रनिंग ट्रैक भी तैयार किया गया है। प्रैक्टिस करने के लिए मिट्टी और रेत का अखाड़ा भी तैयार किया गया है और हॉस्टल की भी सम्पूर्ण व्यवस्था है। अकादमी में खुद के फिजियो और शारीरिक मजबूती की देखभाल करने वाले कोच भी उपलब्ध कराए जाएंगे और एक्सपर्ट्स द्वारा निर्देशित न्यूट्रिशनल प्लान्स भी खिलाडियों के सम्पूर्ण विकास के लिए उपलब्ध होंगे।

यूपी योद्धा के हेड कोच जसवीर सिंह इस अकादमी का नेतृत्व करेंगे। सिंह ने कहा, हमारे पास ऐसी लोकल प्रतयिभाएं हैं जो सालों से यूपी योद्धा का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं लेकिन अपनी अकादमी होने से हमे नयी प्रतिभा खोजने में आसानी होगी। मैं उन सभी की ट्रेनिंग का निरीक्षण कर सकूंगा जो अकादमी ज्वाइन करेंगें जिससे हमारी प्रशिक्षण देने कि प्रक्रिया को सुधारने में मदद मिलेगी। और मुझे उम्मीद है कि हम ना सिर्फ टीम के लिए बल्कि देश के लिए युवा खिलाड़ियों की झड़ी लगा देंगें।

अकादमी मेरठ के बाहरी इलाके में स्थापित की गयी है जो दिल्ली से 2 घण्टे की दूरी पर स्तिथ है। अकादमी को मेट्रो से जोड़ने के लिए भी हमने प्रस्ताव रखा है। अकादमी चारों तरफ से विकसित इंफ्रास्ट्रक्टरों से घिरी हुई है और यहां से अस्पतालों और रेस्त्रां तक पहुंचना भी काफी आसान है। इसके अलावा आसपास शिक्षण संस्थानों के उपस्तिथ होने से छात्रों को कुश्ती अकादमी में दाखिला लेने में आसानी होगी।

यूपी योद्धा बी कबड्डी अकादमी के अध्यक्ष बिजेन्दर सिंह ने कहा,कोविड-19 की वजह से अकादमी लांच करने में भले ही देरी हुई हो लेकिन हमें इस बात कि खुशी है कि राज्य को विश्व स्तर की प्रशिक्षण सुविधा प्रदान करने का हमारा लक्ष्य आखिरकार सफल होने वाला है। हम इस बात को लेकर कारात्मक हैं कि हमारी अकादमी बहुत आगे तक जाएगी जो खिलाड़ियों को बनाने में उनकी रीढ़ की हड्डी साबित होगी। हम 47 वें सीनियर पुरुष कबड्डी चैम्पियनशिप (यूपी) में सभी युवा सितारों की मेजबानी करने के लिए उत्सुक हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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