UP government claims : महिला अपराध पर अंकुश लगाने को चल रही मजबूत तैयारी

0

उत्तर प्रदेश सरकार का दवा है कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सरकार की ओर से काफी प्रयास किए जा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, दूसरे राज्यों की अपेक्षा प्रदेश पुलिस ने महिला अपराध के मामलों में आरोपियों को सबसे अधिक सजा दिलाने में कामयाबी हासिल की है। राज्य सरकार के दावे के अनुसार, पॉस्को एक्ट एवं महिला अपराध के संगीन मामलों में अपराधियों को जेल भेजा है। वहीं बीती 17 अक्टूबर से शुरू हुए ‘मिशन शक्ति अभियान’ के तहत गत तीन मार्च तक प्रदेश में कुल 3,440 अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई।

यही नहीं, राज्य में महिलों महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे की सभी रेंज में महिला पुलिस चौकी परामर्श केंद्र बनाए जाने का फैसला लिया है। ये पुलिस चौकियां थाने की तर्ज पर कार्य करते हुए महिला अपराध के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी।

मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन एंटी रोमियो चला कर शोहदों के खिलाफ कार्रवाई करने की छूट पुलिस को दी थी। मुख्यमंत्री ने वीमेन पावर लाइन-1090 और यूपी 112 को भी सक्रिय किया। मिशन शक्ति अभियान के दौरान पुलिस की इन दोनों एजेंसियों ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अच्छा काम किया।

यूपी 112 के प्रभारी एडीजी असीम अरुण के अनुसार, यूपी 112 हर दिन 907 महिलाओं तक मदद के लिए पहुंच रही है। और मिशन शक्ति अभियान के तहत यूपी 112 ने एक लाख 21 हजार महिलाओं को सहायता पहुंचाई है। इसी प्रकार प्रदेश पुलिस में चौबीस घंटे निरंतर चलने वाले काल सेण्टर वीमेन पॉवर 1090 के जरिये महिलाओं के साथ छेड़खानी करने, उन्हें धमकी देने सरीखे अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

1090 के चलते महिलाओं और लड़कियां से साथ होने वाली छेड़खानी की घटनाओं में अंकुश लगा है। साइबर अपराध के मामलों में भी वीमेन पॉवर लाइन-1090 कठोर कार्रवाई कर रही है। मिशन शक्ति के तहत प्रदेश के समस्त 75 जनपदों, 521 ब्लॉकों, 59,000 पंचायतों, 630 शहरी निकायों और 1,535 थानों के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने का प्रशिक्षण, सुरक्षा एवं सम्मान के प्रति जागरूकता फैलाने के कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इतने कम समय में महिला अपराध के मामलों में इतनी कठोर कार्रवाई कभी नहीं हुई थी। गृह विभाग के अधिकारी बताते हैं कि 17 अक्टूबर 2020 से 3 मार्च 2021 तक प्रदेश में 7 अपराधियों को फांसी के अलावा महिला एवं बाल अपराध के 435 अपराधियों को आजीवन कारावास तथा 394 अपराधियों को 10 वर्ष से अधिक कठोर कारावास तथा 1,108 अपराधियों को 10 वर्ष से कम कारावास तो कराया ही गया, साथ ही शोहदे और गुंडे किस्म के 1,503 अपराधियों को जिलाबदर भी कराया गया।

पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने कहा कि राज्य में जुल्म करने वालों की जगह जेल है और जुल्म करने वाला कोई भी जुल्मी आजाद नहीं रहेगा, उसे जेल जाना होना। सरकार के इस स्लोगन के चलते राज्य में महिला अपराध पर अंकुश लगा है।

इस तरह मिशन शक्ति अभियान के 138 दिनों के दौरान कुल 3,440 अपराधियों पर कार्रवाई की गई। आंकड़ों को दिन के हिसाब से देखा जाए तो औसतन रोज 25 अपराधियों पर कार्रवाई हुई और हर 19वें दिन एक अपराधी एक अपराधी को फांसी की सजा दिलाई गई है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleLPG, petroleum prices वृद्धि पर विपक्ष ने लोकसभा में किया हंगामा
Next articleमहिला अफसरों पर बन रही फिल्म से डेब्यू कर रहीं Union Minister Nishank की बेटी आरुषि
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here