यूपी : फतेहपुर में भीषण सड़क हादसा, 6 श्रद्धालुओं की मौत, 40 घायल

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उत्तर प्रदेश में फतेहपुर जिले के कल्यानपुर थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-2 पर रविवार को श्रद्धालुओं को भरकर कानपुर से प्रयागराज जा रही परिवहन निगम (रोडवेज) की एक बस की ट्रक से सीधी भिड़ंत हो गई। इस हादसे में बस में सवार छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और अन्य 40 घायल हो गए। बिंदकी पुलिस क्षेत्राधिकारी अभिषेक तिवारी ने बताया कि परिवहन निगम (रोडवेज) की एक बस कानपुर से श्रद्धालुओं को लेकर रविवार सुबह करीब सवा ग्यारह बजे प्रयागराज जा रही थी। बस जैसे ही राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-2 पर मौहर गांव के पास पहुंची, विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक का टायर अचानक फट गया और वह बस से जा टकराया।

इस हादसे में बस में सवार पांच श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने इलाज के दौरान सदर अस्पताल में दम तोड़ दिया। अन्य 40 घायल श्रद्धालुओं को जिले के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है।

पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और बस को कब्जे में ले लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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