यूपी : दबिश देने गई पुलिस की डंडों से पिटाई, दरोगा समेत 3 घायल

0
90

थाना जसरथपुर में शुक्रवार की रात एक बजे ग्राम नगला जई में वाहिता उत्पीड़न व मारपीट की शिकायत पर खुशीराम के घर दबिश देने गई पुलिस को महिला के ससुरालियों ने लाठी-डंडों से जमकर पीटा। दरोगा सहित तीन पुलिसकर्मियों घायल हो गए। क्षेत्राधिकारी अलीगंज अजय भदोरिया ने बताया कि जनपद फरुखाबाद के ग्राम नगला समल थाना मेरापुर निवासी दिनेश कुमार ने थाने में दहेज देने पर उत्पीड़न कर ससुरालियों द्वारा मारपीट की शिकायत की थी। जिसमें देर रात थाना पुलिस ग्राम नगला जई दबिश देने गई थी, तभी दबंग परिजनों ने पुलिसकर्मियों को लाठी-डंडों से जमकर पीटा। थाने के सब इंस्पेक्टर सुरेश सिंह तथा सिपाही हरेंद्र व विजय गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिसकर्मी वहां से बमुश्किल जान बचा कर भागे।

क्षेत्राधिकारी ने बताया कि दबिश देने गए सिपाहियों से मारपीट करने वाले खुशीराम सहित उसके तीन परिजनों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleट्रेन में सिगरेट पीने से रोकने पर महिला की पीटकर हत्या
Next articleप्रो कबड्डी लीग : रोमांचक मैच में गुजरात ने लगाया जीत का ‘छक्का’
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here