जब तक बातचीत नहीं होगी, रक्तपात जारी रहेगा : महबूबा मुफ्ती

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जम्मू एवं कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गुरुवार को कहा कि एक पीएचडी छात्र द्वारा जिंदगी पर मौत को चुनने से एक कड़ा संदेश सामने आया है कि जब तक बातचीत शुरू नहीं होगी तब तक स्थानीय युवक मरते रहेंगे। मुठभेड़ में मनन बशीर वानी के मारे जाने पर टिप्पणी करते हुए महबूबा मुफ्ती ने अपने ट्विटर पेज पर कहा, “आज एक पीएचडी छात्र ने जिंदगी पर मौत को चुना और वह एक मुठभेड़ में मारा गया। उसकी मौत हमारी हार है क्योंकि हम प्रत्येक दिन युवा शिक्षित लड़कों को खो रहे हैं।”

वानी हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर था, जो गुरुवार को कुपवाड़ा जिले में अपने सहयोगी के साथ एक मुठभेड़ में मारा गया।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का पीएचडी छात्र वानी इस साल जनवरी में आतंकी बना था। वह कुपवाड़ा जिले के लोलाब इलाके से ताल्लुक रखता था और उसकी मौत इसी जिले के शतगुंद गांव में उसके सहयोगी के साथ मुठभेड़ में हुई।

महबूबा मुफ्ती ने राजनीतिक दलों से संवाद का आह्वान करते हुए कहा जब तक बातचीत शुरू नहीं होगी तब तक कश्मीर में खून बहना जारी रहेगा।

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, “यह वह समय है, जब देश के सभी राजनीतिक दलों को इस स्थिति की गंभीरता का एहसास हो और वे इस रक्तपात को समाप्त करने के लिए पाकिस्तान समेत सभी हितधारकों के साथ बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास करें।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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