केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों और नर्सिग ऑफिसर्स को सौंपे प्रशंसा पत्र

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वुहान में फंसे भारतीयों को निकालने में 10 डॉक्टरों और अर्धसैनिक कर्मियों की बहादुरी, अद्वितीय क्षमता और उपलब्धि की सराहना पूरा देश कर रहा है। इसी क्रम में सोमवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने 10 डॉक्टरों और नर्सिग अधिकारियों को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए प्रशंसा पत्र सौंपे। सम्मानित होने वाले चिकित्सक और नर्सिग स्टाफ डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल और सफदरजंग अस्पताल के उस दल के सदस्य थे, जो चीन के वुहान में फंसे 645 भारतीय नागरिकों और मालदीव के सात नागरिकों को सफलतापूर्वक निकालकर भारत लाए। वुहान सीओवीआईडी-2019 महामारी का केन्द्र बना हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बचाव दल के साहस, संकल्प और करुणा की सराहना करते हुए कहा कि इससे सिद्ध होता है कि आपदा में चरित्र की वास्तविक परीक्षा होती है। प्रशंसा पत्र में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा, “ऐसे कठिन परिदृश्य में संकट में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालकर न केवल उन्हें राहत प्रदान की गई है, बल्कि विश्व भर में फंसे भारतीयों को एक बार फिर भरोसा दिलाया गया है कि संकट के समय पूरा देश उनके पीछे एकजुट होकर खड़ा होता है।”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने दोनों बचाव दल के प्रत्येक सदस्य को बधाई दी। ये दल वुहान में फंसे लोगों को निकालने के लिए वहां गए थे। केन्द्रीय मंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि चिकित्सा के पेशे से न केवल ड्यूटी जुड़ी है, अपितु संकट के समय प्रत्येक नागरिक की मदद करने का दायित्व भी निहित है। उन्होंने कहा कि इन दलों के सदस्यों ने इस भावना को प्रदर्शित किया है।

डॉ. हर्ष वर्धन ने चिकित्सा दल के निम्नलिखित सदस्यों को प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए प्रशंसा पत्र सौंपे उनमें, डॉ. आनंद विशाल, एसोसिएटेड प्रोफेसर मेडिसिन, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, डॉ. पुलिन गुप्ता, प्रोफेसर इंटर्नल मेडिसिन, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, डॉ. योगेश चंद्र पोरवाल, प्रोफेसर एंड कंसलटेंट, सफदरजंग अस्पताल, डॉ. रुपाली मलिक, एसोसिएट प्रोफेसर इंटर्नल मेडिसिन, सफदरजंग अस्पताल, डॉ. सुजाता आर्या, जन-स्वास्थ्य विशेषज्ञ, एयरपोर्ट हेल्थ ऑर्गनाइजेशन, नई दिल्ली, डॉ. संजीत पनेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, कम्युनिटी मेडिसिन, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, जोसेफ, नर्सिग ऑफिसर, सफदरजंग अस्पताल, रजनीश कुमार, नर्सिंग ऑफिसर, सफदरजंग अस्पताल, अजो जोस, नर्सिग ऑफिसर, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, सारथ प्रेम, नर्सिग ऑफिसर, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल प्रमुख थे।

डॉ. हर्ष वर्धन ने आईटीबीपी (भारत तिब्बत सीमा पुलिस) शिविर में रखे गए वुहान से लाए यात्रियों के साथ विचार-विमर्श किया। इनमें से काफी यात्रियों को संगरोध की अवधि समाप्त होने के बाद घर भेज दिया गया है। इन सभी यात्रियों को सीओवीआईडी-2019 महामारी में निगेटिव पाया गया है, उन्हें विभिन्न चरणों में शीघ्र उनके घर भेजा जाएगा। डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा, “यह वास्तव में हम सबके लिए संतोष और गर्व का क्षण है कि वुहान से लाए गए हमारे नागरिक अब स्वस्थ हैं।”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने आईएएनएस को आगे बताया, “अब तक 2996 उड़ानों के 3,21,375 यात्रियों तथा 125 समुद्री जहाजों के 6,387 यात्रियों की स्क्रिनिंग की गई। देश भर में स्थित 15 प्रयोगशालाओं में 2571 सेम्पल की जांच की गई, जिनमें से तीन पॉजिटिव पाए गए।” उन्होंने आगे कहा, “इन तीन में से दो रोगी केरल से मिले थे और उनके स्वस्थ होने पर उन्हें छुट्टी दी गई, जबकि तीसरे की हालत स्थिर है। केन्द्रीय स्तर पर शुरू किए गए कॉल सेंटर पर 4400 कॉल आई जिनमें से 390 कॉल अन्य देशों से प्राप्त हुईं। 360 से अधिक ई-मेल भी प्राप्त हुए। इनका सीओवीआईडी-2019 के बारे में जवाब दिया गया।”

बचाव दल के सदस्यों के सम्मान समारोह में मंत्रालय की सचिव प्रीति सूदन, विशेष सचिव संजीवा कुमार, संयुक्त सचिव, लव अग्रवाल तथा स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित थे। विशेष सचिव संजीवा कुमार और आईटीबीपी के चिकित्सा निदेशक डॉ. पी.एन. मिश्रा, आईटीबीपी शिविर में केन्द्रीय मंत्री के साथ उपस्थित थे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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