भारत की आर्थिक ग्रोथ 6% रहने की संयुक्त राष्ट्र ने जताई उम्मीद

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अब संयुक्त राष्ट्र ने भी वर्ष 2019 20 के लिए कि भारत विकास दर का अनुमान घटा दिया है यू एन  के अनुमान,घटाकर 1.9 परसेंट कर दिया है। देश की अर्थव्यवस्था 5.7 की दर से बढ़ने का अनुमान जताया है। इसके चलते युवा ने भारत के लिए  अब नई संभावना जताई है। अगले वित्त वर्ष में भारत की विकास दर 6.6 परसेंट रहने की संभावना जताई है। बता दें कि पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू एजेंसियां भारत की आर्थिक ग्रोथ का अनुमान घटा चुकी है यूएन सातवीं ऐसी संस्था है जिसने भारत में आर्थिक विकास दर में कटौती की है। इससे पहले एडीबी, मूडीज, एसबीआई, भारतीय रिजर्व बैंक, वर्ल्ड बैंक, फिच ने भारत की आर्थिक ग्रोथ में कटौती की थी

आर्थिक ग्रोेथ को लेकर पहले भी कई संस्थानों ने अनुमना जताया था। हालांकि भारत में 5 अरब ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था दूर के सपने हुए हैं। ऐसे में आर्थिक ग्रोथ से देश के लोगों पर काफी असर भी देखने को मिल रहा है।

इधर, खुदरा महंगाई दर 7.35 प्रतिशत तक बढ़ गई। साढे पांच सालों के दौरान महंगाई दर का सबसे उच्चतर स्तर रहा है। 2016 के बाद ऐसा पहली बार देखने को मिला है। किसी महीने में यह आरबीआई के दवा लाइसेंस 2 से 6% के दायरे में रखने की सीमा के पार निकली है। जुलाई 2016 में महंगाई दर 6.07% रही थी। देश में जब नरेंद्र मोदी चुनाव जीतकर पहली बार प्रधानमंत्री बने थे उस दौरान जुलाई 2014 में महंगाई दर 7 पॉइंट 39 प्रतिशत रही थी। पिछले साल मार्च के महीने से खाद्य महंगाई दर मैं लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

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