उमा भारती ने खुद को ‘मोगली’ बताया

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श्रावण मास के पहले सोमवार को उज्जैन में बाबा महाकाल मंदिर में विशेष पूजा करने आईं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने खुद को ‘मोगली’ बताया और कहा कि मोंगली को तो ष्षेर आदि से डर नहीं लगता क्योंकि वह तो उन्हीं के बीच रहा है। मध्यप्रदेश में अभी टाइगर को लेकर जिरह चल रही है। इसको लेकर उमा भारती से पूछा गया तो उन्होंने कहा, “ये सब जुमलेबाजी है। इन जुमलेबाजी का कोई जवाब नहीं हो सकता, क्योंकि वह कहते हैं कि मैंने टाइगर का शिकार किया और कोई कहता है कि टाइगर अभी जिंदा है।”

उमा भारती ने कहा, “मध्यप्रदेश पेंच क्षेत्र के जंगल में एक मोगली हुआ है, मोगली को कोई काम सौंप दोगे तो वह किसी चीज से डरेगा ही नहीं, क्योंकि वह तो जंगल में ही रहा शेरों, बाघों के बीच में। वह तो छलांगें मार-मार कर काम करेगा। मैं तो मोगली ही हूं और मोगली ही रहूंगी।”

राज्य में वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को दी गई शिकस्त का जिक्र करते हुए उमा भारती ने दिग्विजय सिंह का नाम लिए बिना कहा, “मैंने वर्ष 2003 में टंक्यूलाइजर की ऐसी गोली चलाई कि वह (दिग्विजय सिंह) राघौगढ़ में ही रह गए, बेसुध हो गए और निकल ही नहीं पाए। मैं तो शिकार नहीं करती। मैं तो दुर्गा की बेटी हूं, दुर्गा तो शेर की सवारी करती है। हम लोगों का काम तो है शेर की सवारी करना।”

पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भोपाल प्रवास के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और दिग्विजय सिंह पर हमला बोलते हुए कहा था कि ‘टाइगर अभी जिंदा है।’ इसके जवाब में कमल नाथ ने कहा था कि कोई टाइगर है और कौन पेपर टाइगर यह तो जनता तय कर देगी। इतना ही नहीं, दिग्विजय सिंह ने माधवराव सिंधिया के साथ शेर का शिकार करने जाने की बात कही थी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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