यूजीसी जल्द ही करेगा परामर्श योजना के तहत परामर्शदात्री संस्थानों की घोषणा

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) अपनी परामर्श योजना के तहत जल्द ही परामर्शदात्री संस्थान के पहले बैच की घोषणा करेगा। यह जानकारी बुधवार को एक अधिकारी ने दी।

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के मकसद से इस योजना के तहत राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (एनएएसी) ग्रेड प्रमाणन प्राप्त करने के लिए शीर्ष स्तर के संस्थान गैर-प्रत्यायित संस्थानों को परामर्श प्रदान करेंगे।

यूजीसी के एक अधिकारी ने यहां आईएएनएस को बताया, “उच्च शैक्षणिक संस्थानों की ओर से यूजीसी को 167 प्रस्ताव मिले हैं। इन संस्थानों ने एनएएसी ग्रेड प्राप्त करने के लिए गैर-प्रत्यायित संस्थानों को परामर्श देने को लेकर अपनी दिलचस्पी जाहिर की है। साथ ही, हमें 700 ऐसे उच्च शैक्षणिक संस्थानों की ओर से आवेदन मिले हैं जो परामर्श लेना चाहते हैं।”

यूजीसी द्वारा गठित एक समिति अब इन प्रस्तावों की समीक्षा करेगी और एक सप्ताह में परामर्शदातों के पहले बैच की घोषणा की जाएगी।

उन्होंने बताया, “यूजीसी द्वारा प्रस्ताव स्वीकार करने के बाद संस्थान परामर्श प्रदान करने का कार्यक्रम आरंभ कर सकते हैं।”

इस योजना में यह अनिवार्य है कि परामर्शदात्री संस्थान को एनएएसी स्कोर चार में से 3.26 प्राप्त हो।

परामर्श योजना के तहत अग्रणी संस्थान कॉलेजों को एनएएसी द्वारा प्रत्यायन प्राप्त करने में मदद करने के लिए नियमित परामर्श प्रदान करेंगे।

अधिकारी ने बताया कि योजना की सफलता का आकलन करने के लिए यूजीसी परामर्श प्राप्त करने वाले संस्थानों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेगा।

उन्होंने कहा, “मूल्यांकन यह जानने में लाभकारी साबित होगा कि गैर-प्रत्यायित संस्थानों के प्रत्यायन के लिए किस हद तक परामर्श से लाभ मिला है।”

परामर्शदात्री संस्थानों को 30 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा सकती है। साथ ही, विशेषज्ञ की नियुक्ति करने का भी विकल्प है जिन्हें 31,000 रुपये मासिक फेलोशिप का भुगतान किया जा सकता है।

योजना का मकसद भारत के उच्च शैक्षणिक संस्थानों की वैश्विक रैंकिंग में सुधार लाना है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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