दो पत्न‍ियों ने पति का किया अनोखा बटवारा, लेकिन हुआ कुछ ऐसा पुलिस का भी दिमाग घुमा

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दोस्तों हाल ही में, झारखंड में एक अजीबोगरीब मामला सामने देखने को मिला जहां, दो पत्नियों ने अपने पति को कुछ तरह से बटवारा किया जिसको जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे । बताया जा रहा है कि, यहां राजेश कुमार नाम के एक शख्स ने पहली पत्नी के होते हुए भी दूसरी महिला के साथ संबंध बनाया और उसके साथ लंबे समय तक लिव-इन-रिलेशनशिप में रहा । जिसके बाद 31 दिसम्बर 2019 को अपनी गर्लफ्रेंड के साथ शादी रचा ली । शादी के बाद पहली पत्नी ने विरोध किया और थाने पहुंच गई और वहां पर एक अजीबोगरीब समझौता किया गया । इस समझौते के तहत पति तीन-तीन दिनों तक दोनों पत्नी के साथ रहेगा और एक दिन की उसे छुट्टी दी जाएगी ।

मगर जैसे ही तीन-तीन दिनों तक रहने का कॉन्ट्रैक्ट टूटा तो दूसरी पत्नी थाने पहुंच गई और कहा क‍ि जब तक इंसाफ नहीं होगा, थाने से नहीं जाऊंगी । दूसरी बीवी थाने में ही धरने पर बैठ गई ।
हालांकि, इस पूरे मामले ने सब का दिमाग घूमा कर रख दिया ।

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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