पहली से 12वीं तक सभी कक्षाओं की पढ़ाई के लिए होंगे टीवी चैनल

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देशभर के छात्रों की पढ़ाई के लिए विशेष टीवी चैनल्स शुरू किए जाएंगे। छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई हेतु इस प्रस्ताव के तहत कक्षा पहली से लेकर कक्षा 12 तक प्रति वर्ग के लिए एक-एक समर्पित टीवी चैनल शुरू किया जाएगा। यह शुरुआत प्रधानमंत्री ई-विद्या नामक एक व्यापक पहल के तहत की गई है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने रविवार को कहा, देश के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों की ओर से, मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को प्रधानमंत्री ई-विद्या जो एक व्यापक ई-लनिर्ंग प्लेटफॉर्म है, को लॉन्च करने के लिए धन्यवाद देता हूं।

निशंक ने एक ट्वीट के माध्यम से कहा, शिक्षा की पंहुच अधिक व्यापक बनाने हेतु रेडियो, सामुदायिक रेडियो और सीबीएसई पॉडकास्ट- शिक्षा वाणी का व्यापक उपयोग होगा।

कक्षा 1 से 12 तक प्रत्येक में 12 समर्पित टीवी चैनल होना प्रस्तावित है। प्रत्येक कक्षा के लिए छह घंटे के टेलीकास्ट (रिकॉर्ड किए गए और लाइव प्रोग्राम सहित) कार्यक्रम की योजना बनाने की आवश्यकता है। सुबह आठ बजे से अपराह्न् दो बजे तक या शाम सात बजे से एक बजे तक। प्रति दिन तीन रिपीट टेलीकास्ट के साथ सप्ताह के सभी दिन 24 घंटे। यह प्रत्येक बच्चे को स्लॉट्स को सुविधाजनक रूप से चुनने और शैक्षिक कार्यक्रमों का सार्थक उपयोग करने की सुविधा प्रदान करेगा।

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में स्कूली शिक्षा के लिए गुणवत्तापूर्ण ई-सामग्री प्रदान करने के लिए देश का डिजिटल बुनियादी ढांचा और क्यूआर कोडित एनर्जेटिक टेक्स्टबुक स्कूल और उच्च शिक्षा के लिए ऑनलाइन पाठ्यक्रम के मद्देनजर यह एक अहम पहल है।

निशंक ने कहा, ²ष्टिबाधित और श्रवण बाधित बच्चों के लिए विशेष ई-सामग्री, डिजिटल रूप से सुगम्य सूचना प्रणाली पर विकसित और एनआईओएस वेबसाइट और यूट्यूब पर सांकेतिक भाषा में दिव्यांग बच्चों के लिए अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है।

निशंक ने कहा कि यह मंच डिजिटल, ऑनलाइन, ऑन-एयर शिक्षा से संबंधित सभी प्रयासों को एकीकृत करता है, जिससे 33 करोड़ छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक बहु-मोड पहुंच प्राप्त हो सके।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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