law faculty के छात्र सेंटर एलॉटमेंट की समस्या से परेशान

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दिल्ली विश्वविद्यालय की लॉ फैकल्टी के छात्रों ने विश्वविद्यालय से सेंटर एलॉटमेंट की समस्या का समाधान मांगा है। प्रथम वर्ष के छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली विश्वविद्यालय की लॉ फैकल्टी डीन से इस सिलसिले में मुलाकात की। इस वर्ष प्रवेश के दौरान सेंटर एलॉटमेंट में समस्या के समाधान की मांग सहित 5 विषय प्रशासन के समक्ष रखे गए हैं। छात्रों ने एडमिशन प्रक्रिया और सेन्टर एलॉटमेंट में हो रही समस्याओं को जल्द से जल्द दूर करने और एडमिशन प्रक्रिया पूर्ण कर छात्रों के सेंटर निर्धारित कर उनकी कक्षाएं जल्द से जल्द शुरू करने की मांग रखी है। डीन लॉ फैकल्टी ने कहा है कि प्रशासन, प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने की कोशिश करेगा। लॉ फैकल्टी कक्षाएं शुरू करने तथा सेंटर एलॉटमेंट में समस्या आदि के समाधान के लिए जल्द कार्रवाई करेगा।

डीन लॉ फैकल्टी से प्रतिनिधिमंडल ने फॉरेन स्टूडेंट्स व अन्य कैटेगरी तथा चतुर्थ लिस्ट में प्रवेश हेतु योग्य छात्रों की भी प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर सेन्टर अलॉट करने को कहा है। छात्रों ने दिल्ली विश्वविद्यालय की लॉ फैकल्टी के तीनों केंद्रों (कैंपस लॉ सेन्टर, लॉ सेन्टर 1,लॉ सेन्टर 2) की कक्षाएं नियमित रूप से शुरू न होने से हो रही समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया है।

इस बीच छात्र संगठनों ने शिक्षण संस्थानों को अविलंब खोलने की मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के समक्ष रखी। खासतौर पर उच्च शिक्षण संस्थानों, कॉलेजों और रिसर्च संस्थानों को खोले जाने की मांग केंद्र सरकार से की गई है।

अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि, “हमने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से भेंट कर उनसे चर्चा की। हमें आशा है कि सरकार शीघ्र हमारी मांगों पर उचित कदम उठाएगी तथा छात्र अति शीघ्र अपने परिसरों में वापस लौट कर अपनी पढ़ाई पूर्व की भांति कर सकेंगे।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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