त्रिपुरा में नाबालिग लड़के ने 3 की हत्या की

0
85

एक युवा आदिवासी लड़के ने त्रिपुरा में गरमा-गरमी के बाद तीन लोगों की हत्या कर दी। मारे गए लोगों में एक महिला भी शामिल है।

पुलिस ने सोमवार को बताया कि रविवार रात की इस घटना में एक महिला घायल भी हुई है।

धालाई जिले के पुलिस प्रमुख सुदिप्त दास ने आईएएनएस को बताया, “झगड़े के बाद नाबालिग लड़के ने पैसेराम कारबारी पारा गांव में कुल्हाड़ी से वार करके तीन लोगों की हत्या कर दी। यह इलाका मानिकपुर पुलिस थाना के अंतर्गत आता है।”

उन्होंने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह नाबालिग हो सकता है और यही कारण है कि उसके बारे में अधिक जानकारी नहीं जारी की जा रही है।

मारे गए लोगों में हेनाबाती त्रिपुरा (45), केनाचन चाकमा (68) और सुबल कांति चाकमा (45) हैं जबकि प्रीयालाल चाकमा घायल हैं और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleपहली बार बिकनी लुक में छाई जेनिफर विंगेट, सोशल मीडिया पर दिखा कातिलाना अंदाज
Next articleआपकी यह आदतें डालती है आपको बार बार टोंस्लाइटिस की परेशानी में
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here