टीपीसीआई ने कहा, खाड़ी देशों को बढ़ सकता है चावल का निर्यात

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ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा कि आने वाले दिनों में खाड़ी देशों में भारत से चावल का निर्यात बढ़ सकता है। भारत फिलहाल ओमान को 20,000 टन चावल निर्यात करता है जो कि वर्ष 2018 में भारत की लंबी छलांग लगाने वाली है। यह आंकड़ा 50,000 टन तक पहुंचने वाला है।

वाणिज्य मंत्रालय और टीपीसीआई की ओर से ग्रेटर नोएडा में आयोजित दो दिवसीय ‘इंडस फूड समिट’ के समापन पर शुक्रवार को भारतीय कारोबारियों ने खाड़ी देशों के अपने समकक्षों के साथ चावल के कई बड़े सौदे किए। यह जानकारी टीपीसीआई के चेयरमैन मोहित सिंगला ने दी।

उन्होंने बताया, “भारतीय निर्यातकों ने खाड़ी देशों के साथ चावल निर्यात के बड़े सौदों पर हस्ताक्षर किए हैं।” उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से खाड़ी के देशों से इराक, ओमान, कतर और सऊदी अरब में आने वाले समय में बासमती और गैर-बासमती चावल की मांग बढ़ सकती है।

सिंगला ने बताया कि इन दो दिनों में भारतीय निर्यातकों को विदेशी कंपनियों से खाद्य पदार्थो के 50 करोड़ डॉलर के ऑर्डर मिले हैं। जबकि आने वाले समय में यह आंकड़ा दो अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

सिंगला के मुताबिक, ओमान के संघीय लोक खाद्य रिजर्व को पाकिस्तान 1.8 लाख टन चावल का निर्यात करता है। वहीं भारत सिर्फ 20,000 टन चावल ही ओमान को बेचता है। लेकिन वर्ष 2018 में भारत की लंबी छलांग लगाने वाली है। यह आंकड़ा 50,000 टन तक पहुंचने वाला है। ओमान की लोक खाद्य स्टॉकहोल्डिंग कंपनी ने भारत से बासमती चावल खरीदने का निश्चय किया है। इसके तहत उसने अपने टेंडर सूची में भारत में विकसित 1121 प्रीमियम बासमती वरायटी को स्वीकृति दी है।

इंडस फूड सम्मिट में 43 देशों की 408 कंपनियों ने हिस्सा लिया। देश के 12 राज्यों से यहां कारोबारी पहुंचे। वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रभु ने कहा कि वह इसे विश्व स्तरीय फूड एंड वेबरेजेस समिट बनाना चाहते हैं।

उन्होंने बताया कि इंडस फूड ने भारतीय चाय उद्योग को भी नए बाजार तलाश करने में मदद की है। इसका एक उदाहरण यह है कि भारतीय टी एसोसिएशन ने मलेशिया के अपने समकक्ष के साथ एक आपसी समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। मलेशिया में चीन की चाय ज्यादा बिकती है, लेकिन आने वाले समय में भारतीय चाय उसे चुनौती देगी। पहली बार इराक और सीरिया में भी भारतीय चाय की सप्लाई शुरू होने की उम्मीद है।

सिंगला ने बताया कि रूस के ताजा फल सप्लायर ग्लोबल ग्रुप अब यहां से अंगूर, सफेद कॉर्न, अनार और प्याज खरीदेगा। मध्य पूर्व का प्रमुख रिटेल चेन पांडा ने भी अपनी लागत और खरीद मूल्य को नियंत्रित करने के लिए भारत से कई उत्पाद खरीदने का निश्चय किया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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