24 देशों के मंच पर बोले Tomar, कृषि-ग्रामीण क्षेत्र पर सरकार का फोकस

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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, पंचायत राज तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने गुरुवार को कहा कि कृषि और ग्रामीण क्षेत्र की मजबूती व प्रगति पर भारत सरकार का पूरा फोकस है और इस दिशा में अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं व कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जो छोटे छोटे किसानों के लिए काफी लाभकारी हैं। केंद्रीय मंत्री 24 देशों का संघ एशिया पैसिफिक रूरल एंड एग्रीकल्चर क्रेडिट एसोसिएशन (अप्राका) और राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण बैंक (नाबार्ड) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘क्षेत्रीय नीति फोरम’ की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था कृषि व गांव आधारित है, जिसकी तरक्की के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार लगातार प्रयासरत है।

कृषि मंत्री तोमर ने कहा, “हम भली-भांति जानते हैं कि जब तक गांवों में रोजगार व पैसा नहीं होगा, तब तक कृषि आगे नहीं बढ़ेगी। दूरदर्शी प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) ने इसी कड़ी में जन-धन खातों की स्कीम प्रारंभ की औक करोड़ों लोगों को बैंकिंग से जोड़ा। नए सिस्टम में पारदर्शिता है, बिचौलिए खत्म हुए हैं और लीकेज बचत में बदल गई है।”

उन्होंने भारत सहित एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों द्वारा महामारी से निपटने के लिए की गई पहलों, विशेष रूप से ग्रामीण गरीबों पर महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए उठाए गए उपायों की सराहना की। तोमर ने फोरम को सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है और 6,865 करोड़ रूपए खर्च कर 10 हजार नए एफपीओ बनाए जा रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम- किसान) योजना के तहत करीब 10.75 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 1.15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जमा कराई गई है। उन्होंने कहा कि कानूनी सुधार के माध्यम से भी कृषि क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे क्रांतिकारी बदलाव की उम्मीद है।

अप्राका 24 देशों का संघ है,जिसमें इन देशों के केंद्रीय बैंक, नियामक प्राधिकरण, एआरडीबी, सहकारी बैंक महासंघ, वाणिज्यिक बैंक, कृषि वित्त से जुड़ी सरकारी एजेंसियां आदि 87 संस्थाएं सदस्य है।

भारत, अप्राका के 16 संस्थापक सदस्य देशों में शामिल है और जी.वी.के.राव, तत्कालीन कृषि सचिव अप्राका के पहले अध्यक्ष थे व नाबार्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वाई.सी. नंदा 1999 से 2001 तक अप्राका अध्यक्ष रहे। नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. जी.आर. चिंतला अब अप्राका के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण करेंगे। इससे जाहिर है कि भारत के लिए इस फोरम का कितना महत्व है।

केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर ने गुरुवार को ‘क्षेत्रीय नीति फोरम’ की बैठक का उद्घाटन किया। इस बैठक में अप्राका के अध्यक्ष व बैंक ऑफ सिलोन, श्रीलंका के सीईओ डी.पी.के. गुणशेखर, नाबार्ड के अध्यक्ष व अप्राका के उपाध्यक्ष डॉ. जी.आर. चिंतला, अप्राका के महासचिव डॉ. प्रसून कुमार दास, नेशनल रेनफेड एरिया अथॉरिटी के सीईओ व कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अशोक दलवई, कृषि सचिव संजय अग्रवाल, वित्तीय सेवाएं सचिव देबाशीष पंडा ने भी अपने विचार रखे।

नयूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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