टोल रोड ऑपरेटरों ने NHAI से 650 करोड़ रुपये वसूलने हेतु ध्यान खिंचा

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नई दिल्ली: कोविद के बाद से ही ज्यादातर टोल रोड ऑपरेटरों ने हाईवे अथॉरिटी से लगभग 650 करोड़ रुपये वसूलने के लिए मानों एक धमकी दी है क्योंकि टोल वसूली स्थगित होने पर 25 दिन के लॉकडाउन की अवधि के लिए ब्याज और रखरखाव की लागत लगातार बनी हुई रहती आई है , इस पर मामले के करीबी लोगों ने कहा है । निजी इक्विटी के  खिलाड़ियों सहित 162 बिल्ड-ऑपरेट ट्रांसफर टोल रियायतों में से अधिकांश ने लॉकेशन के दिनों में अपनी लागत ,

Toll road operators weigh arbitration to recover Rs 650 crore from ...और साथ ही साथ अपने हुए नुकसान के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मौद्रिक क्षतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए मध्यस्थता के रूप में यह धमकी भरा मार्ग लेने अपनाने का फैसला किया है अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा है। जिसमें निर्देशों के अनुसार 25 मार्च से लेकर 19 अप्रैल के बीच तक देश भर में टोल परिचालन स्थगित रहता आया है ।

Monetisation by NHAI: Fourth TOT round looks doable after ...गृह मंत्रालय से Covid -19 प्रेरित राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के अनुपालन के लिए चर्चा की है , इस पर बताया गया है कि रियायतकर्ता एनएचएआई की इस बात को लेकर के काफी नाराज हैं कि इस अवधि के दौरान टोल संचालन को अब बलपूर्वक राजनीतिक घटना के रूप में निलंबित भी कर दिया गया था। राजमार्ग मंत्रालय ने मई में टोल रोड बिल्डरों और ऑपरेटरों को मदद देने के लिए कुछ उपायों की घोषणा भी की थी,

FASTag: FASTag to be mandatory from Dec 15: All you need to know ...जिसमें की परियोजना की समय सीमा अब छह महीने तक बढ़ाई गई थी और काम करने के लिए ठेकेदारों को स्पष्ट रूप से निम्नांकित भुगतान किया गया था, लेकिन बिना वजह की लागत के लिए कोई मौद्रिक मुआवजा नहीं दिया गया था और निष्पादन में देरी परियोजनाओं संबंधित चर्चाओं को सुलझाने पर बेठकें हुई हैं । सरकार ने अपने एक बयान में  बताया है की , “रियायतें अब मध्यस्थता में जाने के लिए धमकी देना शुरू कर  रही हैं, लेकिन अभी तक इस पर कोई भी औपचारिक कार्रवाई नहीं की गई है।”

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