चर्म रोग से निजात पाने के लिए होली के दिन करें कुछ ऐसा

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जयपुर। होली का त्यौहार मौज मस्ती का त्यौहार होने के साथ ही जीवन की समस्या का समाधान करने का भी त्यौहार है। होली के दिन रंगों से रंगने से साथ ही जीवन में भी रंग भरने का दिन हैं। इसके साथ ही होली के दिन कई ऐसे उपाय किये जाते हैं जिनको करने से जीवन में आने वाली समस्या का अंत होता है। आज हम भी इस लेख में होली की भस्म के महत्व व उसके उपाय के बारे में बता रहे ंहैं।

होलिका दहन के अगले दिन की सुबह होलिका के जलने के स्थान पर अक्सर लोग जाते हैं, वहां पर जा कर होली की भस्म को उड़ेकर धुलेंडी मनाई जाती हैं। इसके साथ ही होलिका की भस्म को अपने घर भी ले आते हैं। इसको घर में ले जाक घर की नकारात्मकता को दूर करते हैं।

  • होली की भस्म में देवताओं की कृपा छिपी होती है, जिस कारण से इस भस्म को माथे पर लगाने से भाग्योदय होता है व बुद्धि बढ़ती है।
  • होलिका की भस्म के लिए माना जाता है कि इसे शरीर पर लगाने से किसी भी प्रकार का चर्म रोग नहीं होता, क्योंकि यह भस्म में शरीर के अंदर स्थित दूषित द्रव्य को सोख लेती हैं जिससे चर्म रोग से निजात मिलता है।

  • होली की बची हुई अग्नि और भस्म को दूसरी सुबह अपने घर ले जाने से घर को अशुभ शक्तियों और नकारात्मक शक्तियों के घर से दूर भगाया जा सकता है।
  • कई लोग होली की भस्म को ताबीज में ड़ाल कर बाधंते हैं। ऐसा करने से अपने ऊपर कोई भी बुरी आत्माओं का प्रभाव और तंत्र मंत्र का प्रभाव नहीं पड़ता।

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