महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर कठोर दंड सुनिश्चित हो : राष्ट्रपति

0
39

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को सरकार से महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कठोर सजा सुनिश्चित करने का आग्रह किया और कहा कि नई मोदी सरकार का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित राष्ट्र का निर्माण करना है। संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कोविंद ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के लिए दंडात्मक प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को समान अधिकार सुनिश्चित होना चाहिए और ‘तीन तलाक’ जैसी सामाजिक बुराइयों को खत्म होना चाहिए।

कोविंद ने कहा, “नारी सशक्तिकरण मेरी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। महिलाओं का सशक्तिकरण और समाज तथा अर्थव्यवस्था में उनकी प्रभावी भागीदारी एक विकसित समाज का मापदंड है।”

राष्ट्रपति ने कहा कि नई सरकार सबकी सेवा करेगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए प्रतिबद्ध है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleब्लूबेरी करेगी मदद आपके शरीर को स्वस्थ रखने में जानिए कैसे
Next articleहैदराबाद में प्रतिमा स्थापित करने को लेकर झड़प, विधायक घायल
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here