जाने क्यों तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को एअरपोर्ट पर रोक गया

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जयपुर। गुरुवार को सिलचर हवाई अड्डे पर अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल को एअरपोर्ट पर ही रोक दिया गया था। सांसद सुखेन्द्र शेखर रे, काकोली घोष दस्तीदार, रत्न दे नाग, नदीमुल हक, अर्पिता घोष, ममता ठाकुर, मंत्री फिरहाद हाकिम और विधायक महुआ मोइत्र्रा इस  प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। ये लोग असम के एनआरसी के मसौदे पर असम जाने का फैसला लिया था जिसके बाद उन्हें सिलचर एअरपोर्ट पर ही रोक लिया गया।

रिपोर्टों के मुताबिक, सिलचर हवाई अड्डे के बाहर सरकार विरोधी नारे लगाए जा रहे थे जिससे  और एआईटीएमसी ने आन्दोलन के दर से प्रतिनिधिमंडल को एअरपोर्ट पर ही रोक दिया। बताया जा रहा है की इस वक्त सिलचर में सीआरपीसी की धारा 144 भी लगाई गई है।

प्रतिनिधिमंडल को रोके जाने के बाद टीएमसी के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, “हमारे प्रतिनिधिमंडल को सिलचर हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था। लोगों से मिलने का हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है; यह एक आपातकाल की स्थिति है।”

आपको बता दे कि सरकार द्वारा तैयार की गई एनआरसी मौसोदे में करीब 40 लाख लोगों को निकाल दिया है, सरकार के पास करीब 3.29 करोड़ आवेदकों के नाम आये थे जिसमें से 2.89 करोड़ लोगों के नाम इस सूची में शामिल किए है। बता दे की 1951 के बाद पहली बार पहली बार है जब बांग्लादेश से अवैध रूप से आए लोगों की सूची का अद्यतन किया गया है। इस सुची का टीएमसी के नेता विरोध कर रहे है । जिसके चलते उन्होंने असम जाने का फैसला लिया था।

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