आलंपिक के लिहाज से प्रदर्शन में सही समय पर सुधार अहम :Navjot Kaur

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भारतीय महिला हॉकी टीम की फॉरवर्ड नवजोत कौर का मानना है कि अगले साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक के लिहाज से सही समय पर प्रदर्शन में सुधार आना काफी अहम है। भारतीय टीम के लिए 170 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने वाली कौर ने कहा कि केवल खिलाड़ियों के ही पूरी तरह से फॉर्म में लौटना पर्याप्त नहीं होगा बल्कि टीम को भी अपने पूरे फॉर्म में लौटना होगा।

कौर ने कहा, “टीम दिन-प्रतिदिन सुधार कर रही है, जोकि हमारे लिए एक अच्छा संकेत है। हम धीरे-धीरे वापस अपने लय में लौट रहे हैं। हालांकि सही समय पर शीर्ष पर पहुंचना हमारे लिए महत्वपूर्ण है।”

उन्होंने कहा, “ओलंपिक में अपनी पूरी क्षमता से खेलने के लिए हमें सही समय पर पूरी तरह से फॉर्म हासिल करनी होगी। हम हॉकी इंडिया और साई के आभारी हैं, जिन्होंने हमारे लिए नेशनल कैम्प की व्यवस्था की ताकि टोक्यो में बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए हमें पर्याप्त समय मिल सके।”

अगले कुछ महीनों में अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों के बारे में पूछे जाने पर, कौर ने कहा कि वह भविष्य में टीम की जीत में बहुत बड़ा योगदान देना चाहती हैं और इसलिए अपने खेल के कुछ पहलुओं पर सुधार करना चाहती हैं।

उन्होंने कहा, ” मुझे लगता है कि मैं भारतीय टीम के लिए बेहतर कर सकती हूं और इसलिए मैंने लॉकडाउन अवधि के दौरान अपने खेल के बहुत सारे फुटेज देखे। मैंने उन पहलुओं को समझ लिया है जिन पर मुझे काम करने की जरूरत है और मैं उस फॉर्म में पहुंचने के बाद उन पर काम करना शुरू कर दूंगी, जिस फॉर्म में मैं लॉकडाउन से पहले थी। मैं भविष्य में टीम की जीत में योगदान देने के लिए उत्सुक हूं और उम्मीद है कि मैं टोक्यो ओलंपिक में ज्यादा बेहतर खिलाड़ी बन सकूंगी।”

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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