प्रधानमंत्री मोदी के 15 अगस्त के भाषण के तीन झूठ

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जयपुर। बुधवार को प्रधामंत्री ने देश के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से भाषण दिया और उन्होंने इस भाषण में देश से कई वादे किए और कई दावे भी किए।

लेकिन आज हम आपको उन तीन  झूट के बारे में बताने जा रहे है जो प्रधानमंत्री ने लाल किले से बोले है-
1 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा की WHO की एक रिपोर्ट कहती है कि स्वच्छ भारत अभियान के कारण देश के 3 लाख बच्चो की मौत को टाला जा सका है, लेकिन इस बात का सच्चाई ये है कि WHO ने कहा है कि अगर 2019 तक स्वच्छ भारत अभियान को पूर्ण रूप से लागू कर दिया जाए तो 2019 तक डायरिया और प्रोटीन एनर्जी की कमी से होने वाली करीब 3 लाख बच्चों की मौतों को टाला जा सकता है, यानी उन्होंने इस बात की भाविष्यवाणी की थी जो भी 2019 के लिए वो भी तब जब स्वच्छ भारत अभियान पूर्ण रूप से लागू  हो और वो हम सब जानते है कि ऐसा कुछ नही हुआ है।


2 मोदी जी ने अपने भाषण में दावा किया कि भारत का शहद निर्यात दोगुना हो गया है लेकिन सच्चाई कुछ और है। सच ये है कि वित्त वर्ष 2016-17 में भारत ने 55,73.903 करोड़ टन थाशहद का निर्यात किया था। 2017-18 में यह बढ़कर 65,35.758 करोड़ टन हो गया और ये यह बढ़ोत्तरी करीब 17% है। यानी दोगुना होना के बात झूट है।


3 इसके अलावा इन्होंने अपने भाषण में कहा था कि उन्होंने पिछली सरकारों से देश रफ्तार में बिजली पहुंचाई है, लेकिन ये बात गलत है, आंकड़े बताते है कि यूपीए ने अपने 10 साल के कार्यकाल में बीजेपी ले कार्यकाल  से ज्यादा तेजी से बिजली पहुंचाई है।
एनडीए सरकार के चार सालों में 18,374 गांवों में बिजली पहुंचाई है, वहीं इंडिया स्पेंड के मुताबिक साल 2005-06 से 2013-14 के बीच राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत यूपीए ने 1,08,280 गांवों में बिजली पहुंचाई। इसका मतलब कि यूपीए राज में हर साल 14,528 गांवों का औसत रहा, वहीं मोदी सरकार के चार साल में 18,374 मतलब 4,594 गांव हर साल का औसत है।
लेकिन अगर यूपीए सरकार  के एक साल 2013-14 को देखे तो मोदी सरकार का औसत ज्यादा है, लेकिन इस प्रकार से तुलना करना गलत है।

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