चुनाव ‘सीरियल’ देखने वाले जिताते हैं : Kamal nath

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मध्य प्रदेश की कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष कमल नाथ ने कार्यकर्ताओं से आम मतदाता के मन की बात जानने पर जोर देते हुए कहा कि चुनाव, न्यूज देखने वाले नहीं, बल्कि सीरियल देखने वाले जिताते हैं। कांग्रेस के इंदौर में आयोजित संभागीय सम्मेलन में कमल नाथ ने कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत बनाने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा, “लगभग साढे चार दशक पहले भाजपा के पास बूथ पर बैठने वाला कार्यकर्ता नही हुआ करता था, मगर जब से पंचायत और नगरीय निकाय के चुनाव होना शुरु हुए, उनका संगठन खड़ा होने लगा क्यांेकि जो जीतता था, वह कांग्रेस का और जो चार-पांच निर्दलीय हारते गए, वह भाजपा में शामिल होते गए।”

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने समाचार माध्यमों पर इशारों-इशारों में तंज कसा और कार्यकर्ताओं को संदेश दिया, “जो लोग न्यूज देखते है वे चुनाव नहीं जिताते, बल्कि चुनाव तो वे जिताते है जो सीरियल देखते हैं। कार्यकर्ताओं को घर-घर तक पहुंचने में जुटना चाहिए।”

कमल नाथ ने अपनी सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा, “मुझे 15 माह की सरकार में काम करने के लिए सिर्फ साढ़े 11 माह ही मिले, लेकिन मैंने इस दौरान कभी किसी भी कांग्रेसजन का सर झुकने नहीं दिया, बल्कि कांग्रेस जन छाती ठोक कर कह सकते हैं कि हमारी सरकार ने प्रदेश को विकास के पथ पर आगे ले जाने का काम किया ,प्रदेश की दशा दिशा बदलने का काम किया। मैंने जब माफियाओं के खिलाफ अभियान शुरू किया तो मुझे कई लोगों ने रोका टोका, लेकिन मैंने कहा कमलनाथ को कोई डरा,दबा, पटा नहीं सकता है।”

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए कमल नाथ ने कहा, “आज किसान और युवा भटक रहा है ,यही लोग देश -प्रदेश का नवनिर्माण करते हैं। आज लोगों को भाजपा सरकार पर विश्वास नहीं है। प्रदेश में जितने उद्योग लगते नहीं ,उतने उद्योग बंद हो जाते हैं। निवेश को लेकर इन्होंने कितने बड़े-बड़े दावे किए ,इंदौर में कई इन्वेस्टर समिट की, लेकिन सच्चाई आप सब लोग जानते हैं।”

उन्होंने किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा, “चुनाव के पूर्व भाजपा किसानों की आय दोगुनी करने, खेती को लाभ का धंधा और दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने की बात करते थे लेकिन आज यह सब बात नहीं करते, आज ये सब पाकिस्तान और राष्ट्रवाद की बात करते हैं। मैं भाजपा को खुली चुनौती देता हूं कि भाजपा एक भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का नाम बताएं ,जिसने आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया हो।”

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने राज्य में महिला अपराध, आत्महत्या आदि का जिक्र किया और पेटोल-डीजल की कीमतों की भी चर्चा की। इस सम्मेलन में कांग्रेस के तमाम नेता मौजूद थे।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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