कई साल से बिना स्तन ढके रह रही है यह महिला

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दोस्तों, शर्म तो महिलाओं का सबसे अच्छा गहना होता हैं जिससे वो किसी भी इंसान को अपनी और आर्कषित कर लेती हैं । मगर आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताएंगे जो ​कई सालों से अपने स्तनों को ढके बिना रहे रही हैं । तो चलिए जानते हैं इस अनोखी महिला के बारे में । बताया जा रहा है कि, अमेरिका के कई प्रांतों और दुनिया में अधिकांस जगहों पर महिलाओं का सार्वजनिक तौर पर खुले ब्रेस्ट में दिखना अपराध माना जाता है। ‘गो टॉपलेस’ के मुताबिक उताह में तो ब्रेस्ट दिखाना अवैध कार्य है। साल 2014 में विलीस नाम की एक महिला इंस्टाग्राम की सेंसरशिप पॉलिसी के विरोध में टॉपलेस होकर पूरे न्यू यॉर्क शहर में घूमी थीं। कई और महिलाएं भी खुले ब्रेस्ट के साथ सार्वजनिक स्थान पर जाने को लेकर लड़ रही हैं ।

27 साल की चेल्सिया कोविंगटन पिछले 3 साल से सार्वजनिक तौर पर बिना ब्रेस्ट ढके लोगों के सामने आ रही हैं। इसके बारे में इस महिला का कहना है कि, पुरुष बिना सीना ढके बेबाक सार्वजनिक तौर पर घूमते हैं । इसी तरह महिलाओं को भी अपनी मर्जी से बिना ढके चलने-घूमने की आजादी होनी चाहिए ।

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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