इस हफ्ते दुनिया में Corona के मामलों की संख्या 10 करोड़ पहुंचेगी

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विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ट्रेडोस अधनोम घेब्रेयसस ने 25 जनवरी को कहा कि इस हफ्ते पूरी दुनिया में कोविड-19 के पुष्ट मामलों की संख्या 10 करोड़ तक पहुंचेगी। उन्होंने दो ताजा रिपोटरें के हवाले से अनुमान लगाया कि महामारी से दुनिया में खरबों अमेरिकी डॉलर का नुकसान पहुंचा है। अगर वैक्सीन का निष्पक्ष और उचित वितरण सुनिश्चित नहीं किया गया, तो दुनिया नैतिक और आर्थिक आपदा का सामना करेगी। बताया जाता है कि अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ने अपनी ताजा रिपोर्ट में विश्व श्रम बाजार पर महामारी के प्रभाव का विश्लेषण करने के बाद कहा कि वर्ष 2020 में दुनिया में कामकाज के घंटों में 8.8 प्रतिशत कटौती आई, जिससे श्रम आय 37 खरब डॉलर कम हुई। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया कि अधिकांश देश वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में बहाल होंगे, लेकिन यह वैक्सीन लगाने की स्थिति पर निर्भर होगा।

news source आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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