यह अनोखा पहाड़ पिछले 400 वर्षों से बता रहा गर्भ में लड़का है या लड़की?

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दोस्तों, आज हम आपको एक ऐसे पहाड के बारे में बताने जा रहे हैं ​जो कि आपको ये बता सकता है कि गर्भवती महिला के गर्भ में लडका है या लडकी । जी हां, आपने सही सुना । पजहरी नाम की इस पहाड़ी को लेकर लोगों में यह अटूट आस्था है जिस पर चांद जैसी आकृति बनी हुई है जो गर्भ में पल रहे बच्चे के बारे में बता देता है कि लड़का है या लड़की । आपको जानकर हैरानी होगी कि, ये पहाड़ पिछले 400 वर्षों लोगों को उनके भविष्य के बारे में बता रहा है ।

स्थानीय लोगों के अनुसार, गर्भवती महिला एक निश्चित दूरी से खड़ी होकर इस पहाड़ी पर बने चांद की ओर पत्थर मारती हैं। अगर पत्थर चंद्रमा के मध्य जाकर लगे तो समझा जाता है, कि गर्भ में लड़का है और यदि वह पत्थर चंद्रमा के बाहर लगे तो माना जाता है कि लड़की पैदा होगी । इस बात मे ​कितनी सच्चाई खैर इसके बारे में हम आपको कुछ नहीं बता सकते ।

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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