ये कछुआ पैसा देता नहीं बल्कि खाता है

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दोस्तों, आज हम आपको एक कछुएं के बारे में बताने जा रह हैं जो कि आपको पैसा देता नहीं बल्कि खाता हैं वैसे तो लोगों का कहना है कि कछुएं को घर में रखने से पैसों की बरसात होती हैं मगर ये कछुआ आपको पेसा नहीं देगा बल्कि खाएगा । अब ये सच है या नहीं ये तो पता नहीं, लेकिन एक बात तो साफ़ है कि ऐसी मान्यता है कि घर में कछुए को रखने से पैसा आता है. कई लोग जीवित कछुआ भी रखते हैं. वो उसे बड़े से टब में पानी भरकर रखते हैं. इसका सीधा सा अर्थ ये हुआ कि कछुआ पैसा का श्रोत है. इससे पैसा आता है ।

जी हाँ, बिलकुल सही सुन रहे हैं आप. विदेश में एक ऐसे कछुए को पकड़ा गया है, जिसके पेट से कई कई सिक्के निकालें । आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये पूरा मामला थाईलैंड का हैं । यहाँ मान्यता है कि कछुए पर सिक्के फेंकने से उम्र लंबी होती है. लोग पानी में कछुए के ऊपर सिक्के फेंकते हैं. ऐसा करना शुभ माना जाता है और लोगों के द्वारा फैंके गए सिक्कों को ये कछुआ खा जाता हें । कुछ महीनों के बाद जब वहां के रख रखाव वालों की नज़र गई तो पता चला कि एक कछुआ जो अब ठीक तरह से तैर नहीं पा रहा है अचानक से बहुत मोटा हो गया है । जिसके बाद तुरंत एक पशु चिकित्सक को बुलाया गया और कछुए को उन्हें दिखाया गया. जांच में पता चला कि कछुए के पेट में सिक्के है ।

पेट में सिक्कों का वजन हो जाने के कारण कछुए के पेट का निचला हिस्सा फटने लगा था । डॉक्टरों ने ये फैसला लिया कि अब कछुए का ऑपरेशन किया जाए । जिसके बाद कछुए को अस्पताल में भर्ती किया गया. उसे बचाने के लिए यह ऑपरेशन जरूरी था. ऑपरेशन शुरू किया गया जो कि करीब 7 घंटे तक चला । इस कछुए का सही तरह से ऑपरेशन हो गया और अब वो स्वस्थ है । आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस कछुए के पेट से करीब 900 सिक्कें निकाले गए ।

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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