दूसरे planets पर जीवन होने के संकेत देगा यह डिवाइस

0

अंतरिक्ष की दुनिया में तमाम ऐसे रहस्य हैं, जिन्हें लेकर इंसानों में हमेशा से रुचि रही है और इनमें से एक सवाल हर किसी के दिमाग में यही रहता है कि क्या पृथ्वी की तरह अन्य ग्रहों में भी जीवन है? क्या वहां भी हमारी तरह कोई रहता है? इस विषय पर शोध काफी लंबे समय से जारी है। इसी क्रम में शोधकर्ताओं ने एक ऐसे स्वचालित माइक्रोचिप का आविष्कार किया है, जो इलेक्ट्रोफोरोसिस या वैद्युतकण संचलन का पता लगाने वाले में सक्षम है। इस चिप को अगर किसी खगोलीय रोवर के सहारे किसी अनजान ग्रह की मिट्टी पर छोड़ा जाए, तो शायद इसकी मदद से इस तथ्य का पता लगाया जा सकता है कि वहां जीवन के होने की गुंजाइश है या नहीं।

सौर मंडल में अब तक पृथ्वी ही एक ऐसे ग्रह के रूप में सामने आई है, जहां जीवन है। हो सकता है कि अन्य ग्रहों पर भी कभी प्राणी रहे हों या रहते हों। हालांकि यह एक चुनौतीपूर्ण विषय है। पृथ्वी के अलावा अभी तक कुछेक ग्रहों में परीक्षण के दौरान कुछ कार्बनिक अणुओं की ही बस उपस्थिति मिली है।

एनालिटिकल केमिस्ट्री जर्नल में प्रकाशित एक शोध में कहा गया, मंगल ग्रह पर इससे पहले के जितने भी मिशन रहे हैं, वह गैस क्रोमैटोग्राफी और मास स्पेक्ट्रोमैट्री (जीसी-एमएस) की तकनीक से यौगिकों की पहचान करने और उन्हें अलग करने से संबंधित था।

हालांकि, इन तकनीकों की मदद से कुछ तत्वों पर विश्लेषण बारीकी से नहीं हो पाता, जैसे कि ऑर्गेनिक एसिड्स, खासकर अगर सैंपल में जल, मिनरल्स और नमक- तीनों की ही उपस्थिति हो।

शोधकर्ताओं का कहना है कि माइक्रोचिप इलेक्ट्रोफोरोसिस (एमई) आधारित विश्लेषण ही इसके लिए सही रहेगा। लेकिन फिलहाल जितने भी उपकरण हैं, वे आंशिक रूप से स्वचालित है, जो इंटरप्लेनेटरी मिशन (ग्रहों के बीच सैर करना या बने रहना) के लिए उतना उपयोगी नहीं है।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए पीटर विलिस ने अपने सहकर्मियों संग मिलकर एक पोर्टेबल, बैटरी से संचालित उपकरण का निर्माण करना चाहा, जो सैंपल को एकत्रित करें, उसकी पहचान करें, उसमें मौजूद ऑर्गेनिक मॉड्यूल्स का पता लगाए और यह पूरी प्रक्रिया ऑटोमैटिक हो।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleIPL-13 : अपने पहले मैच में वार्नर एंड कंपनी से भिड़ेगी कोहली सेना
Next articleCervical Cancer:इस उम्र में महिलाओं बढ़ता सवाईकल कैंसर का खतरा, बचाव के लिए इन लक्षणों का रखें ध्यान
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here