भाजपा के इस बड़े नेता ने सांसदों के वेतन मामले में पार्टी को दिखाए बगावती सुर

0
118

जयपुर। 23 दिन तक संसद के ना चल पाने की वजह से भाजपा ने कल फैसला लिया था कि वो इतने दिन का वेतन नहीं लेगी। इसे भाजपा ने अपने साथ ही अपने गठबंधन के पार्टियों का भी फैसला बताया था। संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुनार हेगड़े ने इसका कारण बताया था कि ये पैसे जनता की तरफ से नेताओं को देश की जनता की सेवा के लिए मिलता है, लेकिन अगर संसद में काम ही नहीं हो पाया तो वो किस बात के लिए पैसे लें।

पर, भाजपा को उसके ही सबसे बड़े नेता ने इस मामले में झटका दे दिया है और वेतन ना लेने से इंकार कर दिया है। सुब्रमणियम स्वामी जो कि भाजपा के वरिष्ठ नेता माने जाते हैं ने इस मामले में भाजपा से अलग रुख अपना लिया है। स्वामी ने कहा..

मैं हर दिन जाया करता था, ऐसे में यदि सदन की कार्यवाही न चले तो इसमें मेरी क्या गलती है। मैं राष्ट्रपति का प्रतिनिधि हूं। जब तक वो ऐसा करने के लिए नहीं कहेंगे तब तक मैं कैसे कह सकता हूं कि मैं वेतन नहीं लूंगा।

संसद का दूसरा बजट सत्र अब तक चल रहा है, लेकिन शुरुआत से ही सदन की कार्रवाई कई वजहों से नहीं चल पा रही है। विपक्ष संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते है। इसके साथ ही अलग अलग राजवीतिक पार्टियां के लिए अलग अलग वजहों से केंद्र सरकार का विरोध कर रही है।

साथ ही साथ भाजपा सरकार की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने भी ये साफ कर दिया है कि वो तो भाजपा के इस फैसले को मानने वाली नहीं है। इसके साथ ही शिवसेना ने ये भी आरोप लगाया कि भाजपा बिना किसी से बात किये हुए अपने गठबंधन का फैसला सुना देती है। शिवसेना ने ये आरोप भी लगाया कि संसद के अंदर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति जैसे चुनाव आते ही भाजपा को सहयोगी पार्टियों की याद सताने लगती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here