39 साल की इस महिला के हैं 38 बच्चे…

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दोस्तों, आज हम आपको युगांडा की मरियम नाबातंजी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी उम्र करीब 39 साल है लेकिन सबसे हैरानी की बात तो ये है कि इनके अब तक करीब 38 बच्चे है । मरियम की शादी 12 साल की उम्र में हो गई थी और 13 साल की उम्र में उन्होंने बच्चे को जन्म दिया। मरियम नाबातंजी की शादी उस उम्र में कर दी गई जिसे बालपन कहा जाता है । उस समय उनकी उम्र महज 12 साल थी, जबकि उसके पति की उम्र 40 साल थी । 13 साल में मरियम ने पहली बार बच्चे को जन्म दिया ।

जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि, मरियम ने छह बार जुड़वां, चार बार तीन और तीन बार चार-चार बच्चों को एक साथ जन्म दिया है । इस तरह से अब उनके कुल 38 बच्चे हैं । मरियम जब पहली बार जुड़वां बच्चों की मां बनी तो उन्होंने बर्थ कंट्रोल को लेकर डॉक्टर से सलाह ली थी, लेकिन डॉक्टर ने उनसे कहा था कि बर्थ कंट्रोल के लिए दवाओं का इस्तेमाल करना उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है ।

 


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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