अंतरिक्ष यात्रियों के लिए बनाये गये ये खास किस्म के जूतें, जानियें इनकी खासियत

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Apollo 11 Mission image - Lunar surface with Astronaut boot in field of view (July 20, 1969) Lunar surface with an astronaut boot and bootprint in field of view. Image taken at Tranquility Base during the Apollo 11 Mission. Original film magazine was labeled S. Film Type: Ektachrome EF SO168 color film on a 2.7-mil Estar polyester base taken with a 60mm lens. Sun angle is Medium. To learn more about Apollo 11 go to: http://www.nasa.gov/externalflash/apollo11_40/ Credit: NASA/APOLLO 11 NASA Goddard Space Flight Center is home to the nation's largest organization of combined scientists, engineers and technologists that build spacecraft, instruments and new technology to study the Earth, the sun, our solar system, and the universe.

जयपुर। अंतरिक्ष में मीलों लंबा सफ़र तय करने वाले अंतरिक्ष यात्रियों को भारी भरकम सूट पहनाना पड़ता है। लेकिन उनके जूतों की वजह  से उनकों कहीं भी चोट लग जाती थी वो कहीं भी ठोकर खाकर गिर जाते थे लेकिन अब उनको  इस तरह की तकलिफ का सामना नहीं करना पड़ेगा। हाल ही में उनके लिए विशेष रूप से जूते तैयार किए गए हैं। आपको बता दे पहले वाले जूतों में कई तरह की आधुनिक तकनीक लगी रहती हैं, लेकिन फिर भी एस्ट्रोनॉट्स को कई तरह की समस्याओं से जूंझना पड़ता है। लेकिन वैज्ञानिकों ने अब अंतरिक्ष यात्रियों इस समस्या को समझते हुए

उन्हें किसी भी तरह की चोट से बचाने के लिए स्‍पेशल स्‍पेस बूट्स डिजाइन किए हैं। शोधकर्ताओं ने बताया कि इन जूतों में विशेष प्रकार के सेंसर्स लगे हुए हैं इन सेंसरों के साथ कई तरह की छोटी-छोटी मोटर्स भी लगाई गई हैं और इन मोटर्स के कारण अतंरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में किसी भी चीज से ठोकर खाने से आसानी बच पाएंगे। आपको जानकारी दे दे कि इन जूतों को दुनिया की नंबर एक शिक्षण संस्था मैसाच्‍यूसेट्स इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी यानी एमआईटी ने विकसित किया है। इसके मुख्य शोधकर्ता लिया स्‍टर्लिंग इसके बारे में बताती है

कि अंतरिक्ष यात्रियों के गिरने की वजह से उनके कई बार गहरी चोट भी लग जाती थी लेकिन इन स्‍पेसबूट्स में सेंसर्स लगाए गए हैं जो इस तकलिफ से उनको आराम दिला सकता है। बता दे कि ये जूते यात्री को आगे का रास्ता भी सही तरह से दिखाएंगे और साथ ही चलने के लिए गाइड भी करेंगे। एमआईटी के बेहद काबिल वैज्ञानिकों ने इस अनोखे स्‍पेसबूट का एक प्रोटोटाइप हाल ही में टोरंटो में हुई के इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन ह्यूमन-कंप्‍यूटर इंट्रैक्‍शन में इसको पेश किया है।

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