प्रधानमंत्री बनकर भी लाल किले से झंडा नहीं फहरा सके ये नेता!

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जयपुर। हर साल आजादी दिवस के समारोह में देश का प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराता है और देश को संभोधित करता है,हर नेता के लिए एक गौरव का श्रण होता है जब वो देश की आजादी का जश्न लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहरा कर करता है। लेकिन हमारे देश में कई ऐसे प्रधानमंत्री भी हुए है जिन्होंने कभी भी अपने लाल किले से तिरंगा नहीं फहराया है। वहीं कई नेता ऐसे है जिन्होंने अपने जीवन काल में कई बार लाल किले से तिरंगा फहराया है।

देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू बतौर पीएम 15 अगस्त 1947 से 1964 तक लगातार 17 बार लाल किले पर तिरंगा फहराया है। आपको बता दे की पीएम नेहरु ने पहली बार तिरंगा 15 अगस्त को नहीं बल्कि 16 अगस्त को फहराया था।

इसके बाद इन्द्रिय गांधी ने 16 बार झन्डा फहराया है, जिसमे उन्होंने 1966 से 1977 के बीच उन्होंने 11 बार लगातार झंडा फहराया है।

वहीं अटल बिहारी वाजपाई ऐसे गैर कांग्रेसी नेता थे, जिन्होंने लगातार 6 बार लाल किले से तिरंगा फहराया है।

वहीं राजीव गांधी और नरसिंह राव ने 5-5 बार लाल किले से झंडा फहराया है, जबकि चौधरी चरण सिंह, वीपी सिंह, एचडी देवेगौड़ा, इंद्र कुमार गुजराल, लाल बहादुर शास्त्री ने मुख्यमंत्री ने एक एक बार ही तिरंगा फहराया है।

लेकिन गुलजारी लाल नंदा और चेन्द्रशेखर ऐसे नेता है जो देश के प्रधानमंत्री तो बन सके लेकिन इन्हें कभी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराने का मौका नहीं मिला। क्यों की ये दोनों नेता एक साल से भी कम के समय के लिए मुख्यमंत्री बने थे, आपको बता दे की गुलजारी लाल नंदा दो बार मुख्यमंत्री बने है पहली बार जब पंडित नेहरु का निधन हुआ और दूसरी बार जब लाल बहादुर शास्त्री का निधन हुआ।

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