जीवनशैली से जुडी ये 5 आदतें घटाती हैं बीमारियों के खतरा, मिलते हैं अनगिनत फायदे

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जयपुर। अकसर परिवार के कई सदस्यों को काम के प्रति सावधानियां बरतने और खास ध्यान देने के लिए कहा होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि आपकी जीवनशैली औऱ दिनचर्या सीधा आपके स्वास्त से जुडी होती है। अगर उसे लेकर थोडी सी भी लापरवाही बरती जाए, तो इसका हर्जाना आपके स्वास्थ को भरना पड़ सकता है। जो लोग सा वधानियों के साथ अपनी दिनचर्या फॉलो करते हैं वो तो स्वस्थ रहते ही हैं लेकिन लापरवाहियां बरतने वाले लोग बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। दिनचर्या पर तो ध्यान नहीं दिया लेकिन इलाज पूरी जिम्मेदारी से करवाए, इस दौरान आप कुछ अच्छी आदतें भी अपना सकते हैं जिनसे कई घातक बीमारियों के प्रभावों को कम किया जा सकता है। आज हम आपको उन्हीं आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं-

नियमित व्यायाम

अकसर कई लोग व्यायाम के तार सीधा उम्र से जोडने लगते हैं। लेकिन बता दें कि सेहतमंद, चुस्ती और दुरुस्ती के लिए नियमित व्यायाम करना बेहद आवश्यक है। इससे आपकी नींद भी बेहतर रहेगी औऱ मोटापा भी नहीं पनपेगा। व्यायाम करने से आपके शरीर में ऊर्जा औऱ सक्रियता बढती है।

साफ-सफाई का ध्यान

ज्यादातक परिस्थितियों में बीमारियों का खतरा सिर्फ गंदगी और प्रदूषण के कारण पलता है इसलिए अपने आस-पास साफ-सफाई रखना भी बेहद आवश्यक है। इसके लिए अपने हाथ-पैरों को बार-बार धोते रहना चाहिए। क्योंकि अधिकतक संक्रमण हाथों से ही फैलता है। औऱ अपने आस-पास के वातावरण में भी साफ-सफाई रखनी चाहिए।

शुद्ध पानी का सेवन

फलों औऱ सब्जियों को साफ करना हो या फिर खाना बनाना हो, हमेशा साफ पानी को ही प्रयोग में लेना चाहिए। अगर पानी शुद्ध नहीं है तो प्यूरिफायर या फिर आप पानी को उबाल भी सकते हैं। इसके अलावा पानी में दवा डालकर भी उसका शुद्धिकरण किया जा सकता है। विशेषज्ञो की मानें तो दिनभर में अधिकाधिक पानी के सेवन करना चाहिए।

संतुलित आहार

संतुलितल आफकी सेहत को स्वस्थ रहने का अनोखा वरदान प्रदान करता है। इसलिए पौष्टिक सब्जियां औऱ फलों के अलावा डेयरी प्रॉडक्टस् का भी सेवन करना चाहिए। ध्यान ऱखें कि आपके आहार में नमक, चिकनाई और मीठा उचित मात्रा में ही हो, क्योंकि ज्यादा होने पर यह आपके शरीर को हनि पहुंचा सकता है। वहीं पैकेजिंग वाले खाद्य पदार्थों को खरीदने से पहले पैकेट पर लिखी चीजों पर जरूर देना चाहिए।

भरपूर नींद भी जरूरी

आपका शरीर अगले दिन काम करने के लिए तभी तैयार होगा जब अपनी औसतन नींद पूरी कर लेंगे। युवाओं के लिए कम से कम 7-8 घंटे की नींद बताई जाती है। पूरी नींद लेने से नींद बच्चों और युवाओं का मानसिक और शारीरिक विकास सुनिश्चित होता है। वहीं हृदय औऱ मानसिक बीमारियां भी आपकी नींद पर ही निर्भर करती हैं।

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