पी. चिदंबरम से पूछे गए ये 20 सवाल, यहां जानिए !

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पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को सीबीआई ने बुधवार देर रात गिरफ्तार किया था, जहां उन्हें एजेंसी द्वारा पूछे गए 20 सवालों का सामना करना पड़ा, जो आईएनएक्स मीडिया मामले में जुड़े मनी लांडरिंग और भ्रष्टाचार से संबंधित है।

ये हैं वो सवाल :—

1. आपकी विदेशों में संपत्तियों के आय का स्त्रोत क्या है?

2. यूके, स्पेन और मलेशिया में संपत्तियों को खरीदने के लिए पैसा कहां से आया?

3. बार्सिलोना टेनिस क्लब को खरीदने का पैसा कहां से आया?

4. कार्ति को ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड से धन क्यों मिला?

5. आईएनएक्स सौदे से रिश्वत में मिले धन को आपने या कार्ति ने कहां निवेश किया?

6. हमारे पास आपके विदेश स्थित शेल कंपनियों के सबूत हैं। आपका क्या कहना है?

7. आपसे और कार्ति से जुड़ी कितनी शेल कंपनियां हैं?

8. ये शेल कंपनियां किस सेक्टर की हैं और इनका क्या कारोबार है?

9. फाइनेंसियल इंटेलीजेंट यूनिट ने मॉरिशस की तीन कंपनियों से आईएनएक्स मीडिया प्रा. लि. में 305 करोड़ रुपये से अधिक के एफडीआई निवेश पर सवाल उठाए हैं, जिसका मालिकाना हक उस समय पीटर मुखर्जी और उसकी पूर्व पत्नी इंद्राणी मुखर्जी के पास था। आपका इस पर क्या कहना है?

10. क्या आपके बेटे ने एफआईपीबी के विभागों पर प्रभाव डाला?

11. आपने वित्त मंत्री होने के नाते आईएनएक्स मीडिया सौदे में अपने बेटे को विदेशी निवेश के नियमों की धज्जियां उड़ाने की अनुमति कैसे दी।

12. आप इंद्राणी मुखर्जी से नार्थ ब्लॉक में क्यों मिले थे?

13. क्या आपने इंद्राणी को कार्ति के संपर्क में रहने को कहा था?

14. क्या आप पीटर मुखर्जी से भी मिले थे?

15. आपकी तरफ से आईएनएक्स मीडिया को मंजूरी देने में नॉर्थ ब्लॉक के और कौन से अधिकारी शामिल थे?

16. आप नोटिस मिलने के बाद भी क्यों पेश नहीं हुए?

17. दिल्ली उच्चन्यायालय द्वारा आपकी अग्रिम जमानत की याचिका खारिज करने के बाद से कल शाम तक आप कहां थे और इस दौरान आप किन-किन लोगों से मिले?

18. इस दौरान आपका मोबाइल फोन बंद था, तो आप कौन सा नंबर इस्तेमाल कर रहे थे?

19. अगर आपका इरादा गिरफ्तारी से बचने का नहीं था, तो कल (मंगलवार) सुप्रीम कोर्ट से लौटते वक्त आप अपने ड्राइवर और क्लर्क को छोड़कर क्यों निकले?

20. आप सीबीआई के नोटिस के बावजूद पेश क्यों नहीं हुए?

बुधवार रात 8.00 बजे सीबीआई द्वारा नाटकीय ढंग से गिरफ्तारी के बाद चिदंबरम एजेंसी के मुख्यालय में सारी रात लगभग जगकर गुजारी, क्योंकि उनसे वहां आधी रात के बाद पूछताछ की गई।

जांच में शामिल अधिकारियों ने नाम नहीं छापने का अनुरोध करते हुए कहा कि चिदंबरम से औपचारिक पूछताछ गुरुवार रात 12 बजे के बाद शुरू हुई। सीबीआई के निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला खुद शीर्ष एजेंसी के सभी अधिकारियों के साथ मुख्यालय में मौजूद थे।

चिदंबरम ने ज्यादातर सवालों के जवाब अधूरे दिए, कई के जवाब में मालूम नहीं कहा और कई के जवाब ही नहीं दिए।

73 वर्षीय चिदंबरम को पहले सीबीआई अधिकारियों ने खाना देने की पेशकश की, जिसे उन्होंने इन्कार कर दिया। इसके बाद पूछताछ शुरू हुई। इस सूची में शामिल 20 सवाल उनकी आईएनएक्स मीडिया की सह-संस्थापक इंद्राणी मुखर्जी से हुई बैठक से संबंधित हैं।

इंद्राणी फिलहाल अपनी बेटी शीना बोरा हत्या के मुकदमे में जेल में बंद है और इस मामले की गवाह बन गई है। सूत्रों ने बताया कि चिदंबरम और उसके बेटे के खिलाफ मामला उसकी गवाही के आधार पर ही तैयार किया गया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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