दिल्ली की नई कैबिनेट में भी कोई महिला नहीं

0

कांग्रेस नेता अलका लांबा ने रविवार को ट्वीट किया कि नवगठित दिल्ली विधानसभा में दिल्ली का महिला विभाग एक महिला की बजाय पुरुष को सौंप दिया गया है। उन्होंने दिल्ली की महिलाओं से न सिर्फ डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा से संतुष्ट होने, बल्कि दिल्ली परिवहन निगम में स्थायी नौकरी मांगने का भी आग्रह किया।

अलका ने ट्वीट किया, “दिल्ली सरकार का महिला मंत्रालय भी एक पुरुष मंत्री को दिया गया। मेरी दिल्ली की महिलाओं को शुभकामनाएं, सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें। एक बार फिर से महिला अपने अधिकारों के लिए पुरुषों के द्वार पर हैं। बस में सिर्फ मुफ्त टिकट ही नहीं,..डीटीसी में स्थायी नौकरी के लिए भी कहें।”

केजरीवाल ने तीसरी बार रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और छह मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई। नई कैबिनेट में भी किसी महिला को जगह नहीं दी गई।

केजरीवाल ने 2015 के कैबिनेट को 2020 में फिर से दोहराया। उनके पूर्व के कार्यकाल की तरह इस बार भी किसी महिला का मंत्री नहीं बनाया गया।

आम आदमी पार्टी में कम से कम आठ महिलाएं हैं, जिन्होंने हाल में हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की है। इनमें राज कुमारी ढिल्लों ने हरि नगर निर्वाचन क्षेत्र से, आतिशी ने कालकाजी से, मंगोलपुरी से राखी बिड़लान, पालम से भावना गौड़, राजौरी गार्डन से धनवती चंदेला, शालीमार बाग से वंदना कुमारी, त्रिनगर से प्रीति तोमर व आर.के. पुरम से प्रमिला टोकस विजयी हुई हैं।

आतिशी ने शिक्षा में क्रांति लाने और सरकारी स्कूलों में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आप ने उनके प्रयासों के लिए हमेशा उनकी सराहना की। पहली बार विधायक बनीं प्रीति तोमर अपने पति की सीट से विजयी हुई हैं।

राखी बिड़लान पार्टी के लिए मंगोलपुरी इलाके से ज्यादातर दलित वोट जुटाने में सक्षम हुईं। उन्हें आप के साल 2013 के पहले कार्यकाल में मंत्री पद मिला था।

राखी ने आईएएनएस से कहा, “यह पहले से तय था कि सभी पूर्व मंत्रियों की ही जगह कैबिनेट में रहेगी। इसलिए मेरे मंत्री बनने का कोई सवाल की नहीं है। मैं डिप्टी स्पीकर के पद पर थी, रहूंगी, जो समान रूप से महत्वपूर्ण है। दिल्ली की सेवा करने के लिए मुझे मंत्री पद की जरूरत नहीं है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleनए कोरोना वायरस का मुकाबला कर रहा चीन : वांग यी
Next articleदिल्ली : डीसीपी (रेलवे) हरेंद्र कुमार सिंह को मिला राष्ट्रपति सराहनीय सेवा पुलिस पदक-2019
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here