वैश्विक खाद्य संकट होने की आशंका नहीं

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हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ट्रेडोस अदनोम घेब्रेयसस, संयुक्त राष्ट्र अनाज व कृषि संगठन के महानिदेशक छू तुंग यू तथा विश्व व्यापार संगठन के महानिदेशक रॉबटरे अजवेदो ने एक संयुक्त वक्तव्य जारी कर विभिन्न देशों से महामारी की वजह से खाद्य संकट को रोकने की अपील की। इस खबर से लोगों में चिन्ताएं पैदा होने लगी हैं। लेकिन वास्तव में वैश्विक खाद्य संकट होने की आशंका मौजूद नहीं है। चीनी राज्य परिषद के विकास अनुसंधान केंद्र के ग्रामीण अर्थव्यवस्था विभाग के प्रधान ये शींगछींग ने कहा कि चीन अपनी 1.4 अरब जनसंख्या की अनाज आप्रू्ति करने में बिल्कुल समर्थ है। संयुक्त राष्ट्र अनाज व कृषि संगठन की रिपोर्ट के अनुसार चीन में अनाज का दाम स्थिर है और अनाज का भंडारण भी पर्याप्त है। इस साल गेहूं और चावल उत्पादन क्षेत्र की स्थितियां भी अच्छी बनी हुई हैं। अनाज का अच्छा उत्पादन होने की संभावना है।

नयी शताब्दी में प्रविष्ट होने के बाद विश्व में प्राकृतिक आपदा के कारण तीन बार खाद्य संकट आया। लेकिन इधर पांच सालों में विश्व का औसत खाद्य उत्पादन 2.5 अरब टन बना हुआ है, और अनाज का कुल उत्पादन मांग से अधिक है।

लेकिन संयुक्त राष्ट्र संघ के अनाज विशेषज्ञों ने फिर भी इस बात पर ध्यान दिया है कि अफ्रीकी देश जैसे अंगोला, नाइजीरिया और चाड तथा मध्य पूर्व के यमन, ईरान, इराक आदि देश अनाज के आयात पर निर्भर रहते हैं। महामारी की वजह से इन देशों के अनाज आयात के प्रति सजग रहना चाहिए। इसलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन, संयुक्त राष्ट्र अनाज व कृषि संगठन तथा विश्व व्यापार संगठन के महानिदेशकों ने अपने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि खाद्य बाजार के संचालन को सुनिश्चित करना चाहिए और महामारी के कारण खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को होने वाली क्षति को कम करने के लिए साथ-साथ काम करना चाहिये।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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