यहां बीवी बदलना नहीं है गुनाह, अच्छी लगे उसे ले आओ अपने साथ

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दोस्तों, हमारे समाज में जब भी किसी की शादी होती है तो वह लड़की उसकी पत्नी बन जाती है जिसके साथ उसकी शादी होती हैं मगर हमारे समाज में यह रिवाज नहीं हैं कि आप जब चाहे अपनी पत्नी को बदल लें । मगर आज हम आपको एक ऐसे समाज के बारे में बताने जा रहे है। जहां पर पत्नी को बदलना कोई गुनाह नहीं माना जाता है बस आपको वह महिला पंसद आनी चाहिए और उस महिला को आप । बस फिर क्या है आप उसे अपने साथ लेकर आ सकते हो ।

आप सोच रहे होंगे की भला ऐसी कौन सी जगह है जहां पर पत्नी को बदला जा सकता हैं । तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं इस जगह के बारे में । दरअसल, यह जगह पश्चिमी अफ्रीका के नाइजर में वूडाबी नाम की जनजाति हैं जहां पर यह अनोखा और हैरान करने वाला रिवाज है ।

बताया जा रहा है कि, यहां आदमियों को शादी के लिए दूसरे की पत्नियों को चुराने का काम करना होता है। जिसके बाद ही उनकी शादी हो पाती है । बता दें कि, वूडाबी जनजाति के लोग हर साल ‘वाइफ स्टीलिंग फेस्टिवल’ का त्यौहार मनाते हैं जिसमें कई महिलाएं इक्कठा होती हैं । बताया जा रहा है कि यहां पर शादीशुदा और कुंवारी दोनों ही महिलाएं इक्कठा होती हैं । पुरूषों की पत्नियों को चुराने वाले इस फेस्टिवल में महिलाएं अपने पार्टनर को चुनती हैं।

बताया जा रहा है कि यहां पर, इसके लिए औरते मर्द को कई पैमानों पर तौलती हैं । यहां पर महिलाएं पुरूषों को उनके मेकअप, सुंदरता और डांस के आधार पर अपना पार्टनर चुनती हैं । बताया गया है कि इस त्यौहार का पुरूष सालभर तक इंतजार करते हैं । यहां पर चुराई गई औरत ने यदि एक बार उस पुरूष को हां कर दिया तो उसे फिर उस पुरूष के साथ ही शादी करनी पड़ती हैं । इसके साथ ही आपको बता दें कि, यहां पर औरतों को शादी से पहले कई पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध बनाने की भी आजादी है।

 


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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