चीन की दीर्घकालिक अर्थव्यवस्था के विकास की अच्छी प्रवृत्ति रही : भारतीय विद्वान

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विकासशील देशों के लिए अनुसंधान और सूचना प्रणाली पर भारतीय अनुसंधान संस्थान के सलाहकार सुभोमॉय भट्टाचार्जी ने हाल ही में कहा कि चीन नए कोरोना वायरस निमोनिया महामारी को दूर करने में सक्षम है। चीन के आर्थिक लचीलेपन में बड़ी संभावनाएं हैं, जिसकी दीर्घकालिक दृष्टिकोण से अच्छी प्रवृत्ति बनी हुई है। भट्टाचार्जी ने कहा कि भले ही महामारी से कुछ समय के लिये चीन की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी, लेकिन मौजूदा स्थिति के आधार पर चीन की अर्थव्यवस्था का आधार नहीं बदला है। उनका मानना है कि महामारी के खत्म होने के बाद उपभोग में बढ़ोतरी होगी, जिसके लिए चीन की घरेलू सामग्री उत्पादन और आपूर्ति और वित्तीय सहायता की आवश्यकता होगी।

भट्टाचार्जी का मानना है कि चीन की अर्थव्यवस्था बेहद लचीली है। एक तरफ महामारी के दौरान उपभोग के इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले समाज को स्थिर करने और वास्तविक अर्थव्यवस्था का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ई-कॉमर्स मॉडल व्यवसाय की मुख्यधारा बन गया और सुचारू रूप से चल रहा है। दूसरी तरफ आभासी अर्थव्यवस्था ने फिर से ‘नियामक’ की भूमिका निभाई है।

भट्टाचार्जी ने कहा कि महामारी से प्रभावित बड़ी संख्या में उद्यम धीरे-धीरे काम पर लौट रहे हैं। चीनी केंद्रीय बैंक को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार रहना चाहिए। इसके अलावा श्रम-गहन उद्योग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं, जिसकी वजह से श्रम लागत और नियंत्रण लागत में वृद्धि होगी और समग्र निर्यात स्तर के प्रभावित होने की संभावना है। इसलिए, चीन को इसी तरह के व्यापार के समर्थन नीतियों को लागू करना चाहिए।

न्यज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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