सप्ताह में एक ऐसी रात जिस दिन बेकाबू हो जाती हैं महिलाएं, जानिए

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दोस्तों, यूके के हेल्थ एंड ब्यूटी रीटेलर, सुपरड्रग की स्टडी ने बताया है कि अधिकतर महिलाएं सप्ताह में एक बार अपने आप पर काबू नहीं रख पाती हैं और संबंध बनाने के लिए बिलकुल तैयार रहती है । आमतौर पर यह रात शनिवार की होत हैं । आपको बता दे कि, शनिवार रात  ना केवल पुरूषों के लिए बल्कि महिलाओं के लिए भी खास होती हैं । क्योंकि सप्ताह भर की थकान दूर करने के लिए दूसरे दिन रविवार होता हैं । इसलिए पुरूष और महिलाएं दोनों ही इस रात का मजा लेते हैं और इसी लिए महिलाएं इस रात को अपने पर से काबू खो देती है ।

सर्वे में यह बात सामने आई है कि महिलाएं खुद को सिडक्टिव फील कराने के लिए कई तरह के टिप्स अपनाती हैं। इसके लिए कई महिलाएं गर्म पानी ने नहाना पसंद करती हैं । उन्हें अपने खूबसूरत पैरों को दिखाना और पुश-अप ब्रा पहनना बहुत पसंद होता है। इसके अलावा वह खुद को सेक्सी फील कराने के लिए परफ्यूम का हल्का स्प्रे भी पसंद करती हैं।

 


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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