जम्मू में 44.1 डिग्री तापमान के साथ मौसम का सबसे गर्म दिन

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जम्मू शहर का अधिकतम तापमान शुक्रवार को बढ़कर 44.1 डिग्री सेल्सियस हो गया। जम्मू शहर का यह अब तक का सबसे गर्म दिन रहा।

मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस ने आईएएनएस से कहा, “आज अधिकतम तापमान बढ़कर 44.1 डिग्री पहुंच गया, जम्मू शहर में मौसम का अब तक सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया।”

उन्होंने कहा, “अगले तीन दिनों के दौरान जम्मू क्षेत्र में गर्म व शुष्क मौसम की स्थिति बने रहने की संभावना है, क्योंकि इस अवधि के दौरान मौसम में कोई प्रमुख बदलाव होने की उम्मीद नहीं है।”

लोटस ने कहा कि जम्मू क्षेत्र में मई महीने के दौरान अधिकतम तापमान का 40 डिग्री से ऊपर जाना सामान्य है।

लोटस ने कहा, “बीते 37 सालों के दौरान जम्मू में मई में अधिकतम तापमान 47 डिग्री से ऊपर सिर्फ 1984 व 1988 में पार हुआ है।”

सड़कें, बाजार व सार्वजनिक स्थान जम्मू शहर में गर्मी की वजह से दिन में सुनसान दिख रहे हैं। अधिकांश निवासी निर्जलीकरण व लू से बचने के लिए घरों में रहने को तरजीह दे रहे हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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