मध्य प्रदेश के चुनाव नतीजों में दिखेगी किसान और युवाओं की आवाज

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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे लेकिन उससे पहले एक बात तो साफ हो गई है कि इस बार के नतीजों में बड़ी भूमिका किसान और नौजवानों की रहने वाली है। राज्य में बढ़ा मतदान प्रतिशत इस ओर इशारा भी कर रहा है।

राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में मतदान 75 प्रतिशत के पार पहुंच गया। पिछले चुनाव के मुकाबले इसबार महिलाओं ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, यही कारण है कि पिछले चुनाव के मुकाबले महिलाओं के मत प्रतिशत में साढ़े तीन फीसदी का इजाफा हुआ है। मतदान में बढ़े प्रतिशत को प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने राजनीतिक चश्मे से देख रहे हैं। दोनों दलों की ओर से दावे किए जा रहे हैं कि, इस बार सरकार उनकी बनेगी।

मतदान के दौरान ईवीएम में गड़बड़ी और मतदान के बाद सामने आई कई खामियों ने सवाल उठाए है, जिसको लेकर कांग्रेस लगातार हमले कर रही है। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सरकारी मशीनरी की कार्यशैली और भाजपा के रवैये पर सवाल उठाए हैं, साथ ही कांग्रेस ने राज्य में सरकार बनाने का दावा किया है। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर प्रशासन व चुनाव आयोग पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि, भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने वाली है।

इस बीच दो बातें सामने आ रही हैं, एक तो किसानों द्वारा चुनाव नतीजों का इंतजार और दूसरी ओर युवाओं का ज्यादा मुखरित होना। इससे साफ होता है कि, इन दो वर्गो के वोट चुनाव के फैसले में अहम भूमिका निभाने वाले है। इन दोनों वर्गो को लुभाने में भाजपा हो या कांग्रेस, सभी ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।

राजनीतिक विश्लेषक रवींद्र व्यास का कहना है कि, राज्य में किसान, नौजवान और महिलाओं को मतदान प्रतिशत इस बात की गवाही दे रहा है, कि इन वगरें में जागृति आई है और वे अपने बारे में खुद फैसला करने में सक्षम है। लिहाजा यह वर्ग मतदान के लिए खुलकर निकला है। इन वगरें में सरकार के प्रति सहानुभूति है या नाराजगी, यही नतीजों से नजर आने वाली है।

व्यास कहते है कि, सत्ताधारी दल भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस मतदान प्रतिशत को लेकर अपनी-अपनी सुविधा के अनुसार विश्लेषण कर रहे हैं, लेकिन हकीकत क्या है, यह तो इन वर्गो के पेट में छिपा है। इन वगरें ने क्या किया है, यह तो 11 दिसंबर को मतगणना से ही पता चल सकेगा।

राज्य में भाजपा जहां लगातार चौथी बार जीत को लेकर अरमान संजोए हुए है तो वहीं कांग्रेस को अपने राजनीतिक वनवास के खत्म होने का इंतजार है, मतदाता तो यह तय कर चुका है कि, वह किसे अपना भाग्य विधाता बनाने जा रहा है लेकिन यह राज तो मतगणना में ही खुलेगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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