मुंबई आतंकी हमले के शहीदों की याद में द ट्रिब्यूट रन

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आईडीबीआई फेडरल लाइफ इंश्योरेंस ने द सी हाक्स फाउंडेशन के साथ मिलकर मुम्बई में 26 नवम्बर 2011 को हुए आतंकवादी हमले के 10 साल पूरे होने के अवसर पर इस हमले में मारे गए लोगों, शहीद हुए पुलिस और विशेष सैन्य दस्ते के जवानों तथा इस हमले को झेलने वाले मुम्बईवासियों के सम्मान में द ट्रिब्यूट रन के आयोजन का फैसला किया है। ट्रिब्यूट रन का आयोजन 25 नवम्बर को होगा। इसे वर्ली स्थित नेशनल स्पोर्ट्स क्लब आफ इंडिया (एनएससीआई) से हरी झंडी दिखाई जाएगी।

आईडीबीआई फेडरल लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य विपणन अधिकारी कार्तिक रमन ने कहा, “26/11 के आतंकवादी हमले की 10वीं बरसी पर हम लोगों से आग्रह करना चाहेंगे कि वे उन लोगों का साथ देने के लिए द ट्रिब्यूट रन में हिस्सा लें, जो मुश्किल समय में हमारे साथ खड़े थे। हमें उस घटना को याद रखते हुए मजबूत और सतर्क बने रहना होगा। द ट्रिब्यूट रन इसी मुहिम का एक हिस्सा है।”

द ट्रिब्यूट रन मुंबई के कई खास इलाकों से होकर गुजरेगी। इसके तहत 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर और पांच किलोमीटर की रेस का आयोजन होगा। हाफ मैराथन के लिए पंजीकरण फीस 800 रुपये है जबकि बाकी की दो श्रेणियों के लिए क्रमश: 600 तथा 400 रुपये है।

सेना, अर्धसैनिक पुलिस बलों, कोस्ट गार्ड, मुम्बई पुलिस, मुम्बई फायर सर्विस और मुम्बई ट्रैफिक पुलिस के जवानों और उनके परिजनों के लिए मुफ्त पंजीकरण होगा। दिव्यांगों के लिए पंजीकरण राशि में छूट का प्रावधान है।

द ट्रिब्यूट रन के लिए पंजीकरण इसके लिए विशेष तौर पर तैयार वेबसाइट ‘डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट दट्रिब्यूटरन डाट इन’ पर किया जा सकता है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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